- अदालत ने वर्चुअली नो एविडेंस” का मामला माना
Ranchi : करीब 12 साल पुराने हत्या और उग्रवादी संगठन पीएलएफआई से जुड़े मामले में आरोपी सुइया टोप्पो को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. अपर न्यायायुक्त शैलेंद्र कुमार की अदालत ने इसे “वर्चुअली नो एविडेंस” का मामला मानते हुए कहा कि अभियोजन आरोप साबित करने में विफल रहा.
ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष सिर्फ एक गवाह पेश कर सका था, लेकिन वह भी अदालत में आरोपी को पहचान नहीं सका था. दरअसल, यह मामला लापुंग थाना कांड संख्या 26/2014 से जुड़ा है.
प्राथमिकी के अनुसार 12 अक्टूबर 2014 को हथियारबंद लोगों ने किसान भिखेश्वर साहू के पुत्र बलकू साहू का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी. आरोप था कि पीएलएफआई उग्रवादियों ने धारदार हथियार से उसका सिर काट दिया और गांव में दहशत फैलाने के लिए सुमति देवी की गाड़ी में भी आग लगा दी.
पुलिस ने मामले में अमृत होरो, लॉरेंस टोप्पो और सुइया टोप्पो के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. हालांकि ट्रायल के दौरान दो आरोपी लगातार अनुपस्थित रहे. जिसके बाद उनका मामला अलग कर दिया गया था. अदालत में सिर्फ सुइया टोप्पो के खिलाफ ट्रायल चला था.
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