- जीर्णोद्धार के डीपीआर की तकनीकी स्वीकृति दी जा चुकी है, प्रशासनिक स्वीकृति जल्द दे
- 254 दुकानदारों को जल्द पुनर्वासित करें
- रजरप्पा मंदिर के डेंजर जोन के बैरिकेटिंग लिए सीसीएल का सरकार से हुआ MOU
- डीसी रामगढ़ कोर्ट में हुए हाजिर
Ranchi: रामगढ़ स्थित रजरप्पा मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 102 करोड़ की राशि के डीपीआर की तकनीकी स्वीकृति राज्य सरकार ने दे दी है. अब प्रशासनिक स्वीकृति टूरिज्म विभाग को देना है. हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता रोहित राय से आग्रह किया है कि वह प्रशासनिक स्वीकृति जल्द दिलाए, ताकि मंदिर के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके.
कोर्ट ने मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर से हटाए गए 254 वेंडरों को जल्द अस्थाई दुकान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. मंदिर परिसर में भैरवी नदी का पानी घुस जाने पर चिंता जताते हुए कोर्ट ने सरकार को स्थायी समाधान निकालने को कहा है.
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रामगढ़ स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण से संबंधित मामले में दायर संजीव कुमार की अवमानना याचिका की सुनवाई गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में हुई. सुनवाई के दौरान डीसी रामगढ़ हाईकोर्ट में हाजिर हुए. मामले में सीसीएल की ओर से कोर्ट को बताया गया कि रजरप्पा मंदिर के डेंजर जोन के बैरिकेडिंग की डीपीआर को उसने स्वीकृति दे दी है. 2 करोड़ की राशि से वहां बैरिकेडिंग किया जाना है. इसके लिए सरकार के साथ उसकी MOU भी हो चुकी है.
रामगढ़ के डीसी कोर्ट को बताया कि मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर से हटाए गए 254 वेंडरों को अभी पुनर्वासित नहीं किया जा सका है, उनसे दस्तावेज मांगे गए थे लेकिन कई लोगों ने दस्तावेज नहीं दिया. इस कारण दुकान आवंटन की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है. वेंडरों के लिए 254 दुकानों में से सिर्फ आठ दुकान बनाए जाना बचा हुआ है. कोर्ट ने कहा कि इन 254 दुकानदारों को जिला प्रशासन जल्द दुकान उपलब्ध कराए.
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर निर्धारित की है. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने पक्ष रखा.
दरअसल, हाईकोर्ट ने पूर्व की सुनवाई में कहा था कि वर्ष 2023 में एक जनहित याचिका में मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के संदर्भ में आदेश पारित किए थे. मां छिन्नमस्तिका मंदिर के निकट स्थित भैरवी नदी तट पर सुरक्षा के अभाव में कई लोगों की मौत हो रही है. ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन जरूरी है ताकि वहां सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके.
बता दे कि प्रार्थी ने अवमानना याचिका दाखिल कर झारखंड हाई कोर्ट द्वारा एक जनहित याचिका में 11.08.2023 परित आदेश का अनुपालन कराने का आग्रह किया है. परित आदेश में हाईकोर्ट ने झारखंड राज्य, पर्यटन विभाग, झारखंड पर्यटन विकास निगम तथा रामगढ़ जिला प्रशासन को दस अनिवार्य निर्देश जारी किए थे. इन निर्देशों में माँ छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, स्थायी स्नान घाटों का निर्माण, वस्त्र बदलने के कक्ष, शौचालयों की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सीय सुविधाएं सुनिश्चित करना, अतिक्रमण हटाना, नदी का चौड़ीकरण आदि शामिल हैं.
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