Search

Court News : HC का निर्देश- मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूरों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाए सरकार

  • गढ़वा डीसी हाई कोर्ट में हुए हाजिर

Ranchi : बंधुआ मजदूरों को सरकारी लाभ और मुआवजा दिलाने को लेकर दाखिल जनहित सेवा प्रतिष्ठान की जनहित याचिका की सुनाई झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को हुई. सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम के तहत मुक्त कराए गए 300 से अधिक मजदूरों को तत्काल मुआवजा, पुनर्वास और अन्य सरकारी सुविधाएं दिलाया जाए. 

 

लेकिन सरकार की ओर से इस दिशा में ध्यान नहीं दिया जा रहा है. सरकार की ओर से कहा गया है कि इससे संबंधित 300 से अधिक लोगों की सूची सरकार को दी गई है. सुनवाई के दौरान गढ़वा डीसी कोर्ट के आदेश के आलोक में आज हाजिर हुए. 

 

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ ने गढ़वा डीसी को निर्देश दिया कि वह प्रार्थी द्वारा उपलब्ध कराए गए बंधुआ मजदूर सूची का सत्यापन करें. जिन बंधुआ मजदूर को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है उन्हें अविलंब लाभ दिलाए. सरकार की ओर से अधिवक्ता गौरव राज ने पक्ष रखा.

 

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि सोलापुर, महाराष्ट्र से मुक्त कराए गए महिला बधुआ मजदूर को वर्ष 2017 में ही आवास, मनरेगा कार्ड आदि सरकारी सुविधाएं दी गई है. उत्तर प्रदेश के चार जिलों मिर्जापुर, भदोही, कानपुर और प्रयागराज से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूर के बारे में उत्तर प्रदेश के संबंधित जिलों से प्राप्त दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है. 

 

पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने मौखिक कहा था की बंधुआ मजदूरों को सरकारी लाभ दिया जाना चाहिए. इसे लेकर सरकार को संवेदनशील होना चाहिए. सरकार द्वारा दाखिल जवाब को पूरी तरह संतोषजनक नहीं माना था.

 

कोर्ट ने गढ़वा के वर्तमान और पूर्व उपायुक्त  को तलब किया था. कोर्ट ने कहा था कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर मजदूरों को सरकारी लाभ दिलाने की योजना को अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//