- पुलिस फरार आरोपी को सही समय पर पकड़ती तो एक व्यक्ति (गवाह ) की जान बच सकती थी
- झारखंड पुलिस अनुसंधान में अपना दायित्व सही रूप से क्यों नहीं निभा पा रही है?
Ranchi : सजा के खिलाफ एक क्रिमिनल अपील पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को झारखंड पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए. कोर्ट में उपस्थित साहिबगंज एसपी से मौखिक कहा कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्यों अदालत के आदेश का इंतजार करती है. इस मामले में फरार आरोपियों ने एक गवाह की हत्या कर दी थी और वह फरार चल रहे थे.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी उन्हें पकड़ा नहीं जा सका और वह फरार थे. जब हाईकोर्ट ने सख्ती बरती तो आप बता रहे हैं कि एक-दो दिन पहले दो फरार में से एक को पकड़ लिया गया है. अगर पूर्व में ही फरार आरोपियों को पकड़ लिया जाता तो एक व्यक्ति (गवाह) की जान बच सकती थी. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली पीठ ने मौखिक कहा कि झारखंड में पुलिस आम लोगों के बीच अपना विश्वास बनाने में असफल हो रही है.
मौखिक यह भी कहा कि रांची के कोकर से एक 18 माह की बच्ची के गायब होने की बात समाचार पत्रों में आई है. वहीं, वर्ष 2025 में बोकारो में गायब एक युवती का तथाकथित नर कंकाल बरामद होने का दावा पुलिस कर रही है. बोकारो में ही वर्ष 2020 में गायब एक अन्य युवती के मामले में जब कोर्ट की मॉनिटरिंग स्टार्ट हुई और जांच में तेजी आई तो पता चला कि उक्त युवती का मर्डर हो गया है.
लातेहार पुलिस भी अपने कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर पा रही है. खंडपीठ ने सवाल उठाया की झारखंड पुलिस अनुसंधान में अपना दायित्व सही रूप से क्यों नहीं निभा पा रही है?
दरअसल, मामले में सोनू यादव एवं अन्य ने साहिबगंज की निचली अदालत द्वारा हत्या के प्रयास मामले में दी गई 8 साल की सजा को क्रिमिनल अपील दायर कर चुनौती दी है. इसमें उन्होंने हस्तक्षेप याचिका (IA) दाखिल कर जमानत की गुहार भी लगाई है. कोर्ट ने आज उनके IA पर सुनवाई करते हुए सोनू यादव एवं अन्य को जमानत देने से इनकार कर दिया.
मामले में पवन यादव जिनपर आरोपियों ने गोली चलाई थी उन्होंने निचली अदालत की सजा को बढ़ाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. सजायाफ्ताओं की अपील पर सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह बात आई कि तीन आरोपी सुनील यादव, मनीष यादव एवं रजनीश यादव जो फरार थे उन्होंने इसी मामले से संबंधित एक गवाह की गवाही पूरी होने के बाद उसकी हत्या कर दी थी.
हालांकि बाद में सुनील यादव पकड़ा गया था. लेकिन मनीष यादव एवं रजनीश यादव फरार थे. जिस पर हाईकोर्ट ने साहिबगंज एसपी को कोर्ट में आज तलब किया था. साहिबगंज एसपी ने कोर्ट को बताया कि फरार एक आरोपी मनीष यादव की गिरफ्तारी बीते दिनों कर ली है. एक अन्य फरार आरोपी पकड़ा नहीं जा सका है. कोर्ट ने अगली सुनवाई में साहिबगंज एसपी को मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.
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