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Court News : बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अधिकारियों व रिकवरी एजेंट पर HC सख्त, CCTV फुटेज मांगा

झारखंड हाईकोर्ट ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र, मोरहाबादी शाखा, रांची में कथित तौर पर अदालत के आदेश की अवहेलना और अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार के मामले को गंभीरता से लिया है. यह मामला Grune Homes Pvt. Ltd. द्वारा दायर याचिका से संबंधित है. हाईकोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई तक प्रस्तावित नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है.
 
  • कोर्ट ने अगली सुनवाई तक प्रस्तावित नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगाई 
  • 14 मई को होनी थी प्रस्तावित नीलामी

Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र, मोरहाबादी शाखा, रांची में कथित तौर पर अदालत के आदेश की अवहेलना और अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार के मामले को गंभीरता से लिया है. यह मामला Grune Homes Pvt. Ltd. द्वारा दायर याचिका से संबंधित है. हाईकोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई तक प्रस्तावित नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है. 

 

साथ ही अदालत ने आदेश की प्रति याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को बैंक को सूचित करने के लिए उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था. लेकिन बैंक अधिकारियों और रिकवरी एजेंट ने कोर्ट के आदेश की प्रति नहीं ली. याचिकाकर्ता ने 22 अप्रैल 2026 को जारी नीलामी बिक्री सूचना के तहत 14 मई 2026 को प्रस्तावित नीलामी को रद्द करने का आग्रह किया है.

 

बैंक अधिकारियों और रिकवरी एजेंट ने आदेश की प्रति लेने से इनकार

मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत में हुई. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रोहित सिन्हा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट को बताया कि उनके सहयोगी अधिवक्ता विजय शंकर न्यायालय के आदेश की प्रति देने के लिए बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरहाबादी शाखा पहुंचे थे, लेकिन बैंक अधिकारियों और रिकवरी एजेंट ने आदेश की प्रति लेने से इनकार कर दिया.

 

उन्होंने आरोप लगाया गया कि रिकवरी एजेंट गौरव कुमार ने अधिवक्ता से बहस की और बैंक के सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें धक्का भी दिया. इसके बाद अधिवक्ता विजय शंकर भी ऑनलाइन माध्यम से अदालत के समक्ष उपस्थित हुए और उन्होंने पूरी घटना की पुष्टि की.

 

उन्होंने अदालत को बताया कि बैंक परिसर में CCTV कैमरे लगे हुए हैं, जिनसे घटना की सच्चाई की पुष्टि की जा सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि वे अभी भी बैंक परिसर में मौजूद हैं और बैंक अधिकारियों की ओर से सहयोग नहीं किया जा रहा है.

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अधिवक्ता को निर्देश दिया कि वे तत्काल मोरहाबादी पुलिस आउटपोस्ट के प्रभारी अधिकारी को सूचित करें और उन्हें तुरंत बैंक ऑफ महाराष्ट्र पहुंचकर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दें कि न्यायालय का आदेश बैंक प्रबंधक को विधिवत तामील हो.

 

साथ ही न्यायालय ने मोरहाबादी पुलिस आउटपोस्ट के प्रभारी अधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि बैंक में लगे CCTV कैमरों की पूरे दिन की फुटेज और रिकॉर्डिंग सुरक्षित कर अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें.

 

क्या है मामला

दरअसल, यह मामला Grune Homes Pvt. Ltd.  की ओर से दायर किया गया है, जिसमें बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अधिकृत अधिकारी एवं अन्य को पक्षकार बनाया गया है. 

 

अदालत ने प्रतिवादियों को स्पीड पोस्ट एवं सामान्य प्रक्रिया से नोटिस जारी करने का निर्देश दिया था और याचिकाकर्ता को दो सप्ताह के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने को कहा है. मामले में याचिकाकर्ता का कहना है कि 22 अप्रैल 2026 को जारी नीलामी बिक्री सूचना के तहत 14 मई 2026 को प्रस्तावित नीलामी को रद्द किया जाए. याचिका में दावा किया गया कि फ्लैट का सौदा तो किया गया था, लेकिन खरीदार द्वारा पूरी राशि का भुगतान नहीं किया गया, इसलिए बिक्री प्रभावी नहीं हुई.

 

अदालत को यह भी बताया गया कि इस विवाद को लेकर सरायकेला के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में Original Suit No. 42 of 2025 लंबित है, जिसमें संबंधित बिक्री विलेख को निरस्त करने की मांग की गई है.

 

इन तथ्यों को देखते हुए हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक प्रस्तावित नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है. साथ ही अदालत ने आदेश की प्रति याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को बैंक को सूचित करने के लिए उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.

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