Ranchi: सरायकेला के चांडिल थाना अंतर्गत वर्ष 2019 में पति-पत्नी और तीन बच्चों की हत्या के मामले में निचली अदालत द्वारा दिए गए फांसी की सजा को चुनौती देने वाली चुन्नु मांझी की सजा के खिलाफ अपील और राज्य सरकार की सजा को कंफर्म करने को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई.
मामले में दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया. सरायकेला की निचली अदालत ने 25 सितंबर 2025 को चुन्नू मांझी को उसके रिश्तेदार रवि मांझी, कल्पना और उसके तीन बच्चे जितेन्द्र, सुरेश और पुरेश की निर्मम तरीके से टांगी से काट कर हत्या मामले में फांसी की सजा दी थी.
इसके साथ ही उसपर 20 हजार रुपये जुर्माना और धारा 427 भादवि के तहत दो वर्ष की सजा सुनाई थी. जिसे उसने हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर चुनौती दी है.
क्या है मामला
चांडिल निवासी सिद्धू सोरेन (अभियुक्त के भाई) के बयान पर कपाली ओपी में 2019 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसमें सिद्धू ने बताया था कि 23 फरवरी 2019 की सुबह करीब चार बजे जब वे लोग पुडिसिली अपने घर में सोए हुए थे तो उसका भाई चुन्नु मांझी कुल्हाड़ी लेकर आया. वह दरवाजा पर कुल्हाड़ी में मारने लगा और बोल रहा था कि उसने रवि मांझी, कल्पना और उसके तीन बच्चे जितेन्द्र, सुरेश और पुरेश को काट दिया और उसको भी काट देंगे.
दरवाजा खोलने पर उसके अलावा उसकी मां पर भी चुन्नू मांझी ने प्रहार किया. अभियुक्त चुन्नु मांझी ने घर और मोटर साईकिल में आग लगा दी. उसके बाद पुलिस चुन्नु मांझी को गिरफ्तार कर थाना ले गई. मामले के ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाहों की गवाही कराई गई थी और कपाली ओपी द्वारा घटना में प्रयुक्त हथियार को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था.
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