- वर्चुअल एवं फिजिकल दोनों मोड में होगी सुनवाई
- तत्काल प्रभाव से राज्य के सभी न्यायालयों में हाइब्रिड मोड में कार्य संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश
- न्यायिक अधिकारियों और न्यायालय कर्मियों को कार पूलिंग व वाहन साझा करने की व्यवस्था अपनाने पर जोर
Ranchi : झारखंड के सभी सिविल कोर्ट एवं अनुमंडलीय कोर्ट में अब हाइब्रिड (वर्चुअल एवं फिजिकल) मोड में सुनवाई होगी. इससे संबंधित आदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने जारी किया है. उनकी ओर से झारखंड राज्य के सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों और न्यायिक आयुक्त, रांची को भेजे गए एक पत्र में ऊर्जा संकट को देखते हुए न्यायिक कार्यों में कई अस्थायी उपाय लागू करने का निर्देश दिया गया है.
पत्र में कहा गया है कि तत्काल प्रभाव से राज्य के सभी न्यायालयों में हाइब्रिड मोड में कार्य संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि न्याय तक निर्बाध पहुंच बनी रहे. अधिवक्ताओं, पक्षकारों और गवाहों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायिक कार्यवाही में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया है.
साथ ही स्पष्ट किया गया है कि वर्चुअल सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित सभी नियमों, दिशा-निर्देशों एवं स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का सख्ती से पालन किया जाए. पत्र में यह भी उल्लेख है कि इस संबंध में CPC, झारखंड हाईकोर्ट द्वारा जारी पत्र संख्या JHC/CPC/237/2025 दिनांक 27 अगस्त 2025 का विशेष रूप से अनुपालन किया जा सकता है.
ऊर्जा एवं ईंधन संकट को देखते हुए न्यायिक अधिकारियों और न्यायालय कर्मियों को कार पूलिंग और वाहन साझा करने (Vehicle Sharing) की व्यवस्था अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है, ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके. यह निर्देश राज्य के सभी न्यायिक जिलों में तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है.
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