Ranchi : सरायकेला के चांडिल थाना अंतर्गत वर्ष 2019 में पति-पत्नी एवं तीन बच्चों की हत्या के मामले के सजायाफ्ता चुन्नू मांझी को हाईकोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया. साथ ही सरायकेला, चांडिल की अदालत द्वारा दिए गए 23 सितंबर 2025 के दोषसिद्धि और 25 सितंबर 2025 के फांसी की सजा के आदेश को रद्द कर दिया. उस पर अगर कोई दूसरे केस में वांछित न हो तो उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया. हाईकोर्ट की खंडपीठ ने चुन्नु मांझी की सजा के खिलाफ अपील को स्वीकृत कर लिया. मामले में दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.
दरअसल, सरायकेला की निचली अदालत ने 25 सितंबर 2025 को चुन्नू मांझी को उसके रिश्तेदार रवि मांझी, कल्पना और उसके तीन बच्चे जितेन्द्र, सुरेश एवं पुरेश की निर्मम तरीके से टांगी से काट कर हत्या मामले में फांसी की सजा दी थी. इसके साथ ही उसपर 20 हजार रुपये जुर्माना एवं धारा 427 भादवि के तहत दो वर्ष की सजा सुनाई थी. जिसे उसने हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर चुनौती दी है.
क्या है मामला
चांडिल निवासी सिद्धू सोरेन (अभियुक्त के भाई) के बयान पर कपाली ओपी में 2019 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसमें सिद्धू ने बताया था कि 23 फरवरी 2019 की सुबह करीब चार बजे जब वे लोग पुडिसिली अपने घर में सोए हुए थे तो उसका भाई चुन्नु मांझी कुल्हाड़ी लेकर आया. वह दरवाजे पर कुल्हाड़ी में मारने लगा और बोल रहा था कि उसने रवि मांझी, कल्पना और उसके तीन बच्चे जितेन्द्र, सुरेश एवं पुरेश को काट दिया और उसको भी काट देगा.
दरवाजा खोलने पर उसके अलावा उसकी मां पर भी चुन्नू माझी ने प्रहार किया. अभियुक्त चुन्नु मांझी ने घर एवं मोटर साईकिल में आग लगा दी. उसके बाद पुलिस चुन्नु मांझी को गिरफ्तार कर थाना ले गई. मामले के ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाहों की गवाही कराई गई थी एवं कपाली ओपी द्वारा घटना में प्रयुक्त हथियार को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था.
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