Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) को निर्देश दिया है कि वह प्रतिवादी संख्या 8 और 9, यानी मेसर्स अमलगम स्टील्स एंड पावर लिमिटेड व अन्य के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिसों का निपटारा आज से तीन माह के भीतर करे. यह आदेश चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने एनर्जी वॉचडॉग की जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दिया.
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क्या है मामला
हाईकोर्ट ने 5 फरवरी 2026 के अंतरिम आदेश में जेबीवीएनएल को तीन माह के भीतर इन नोटिसों का निपटारा करने को कहा था. इस आदेश को प्रतिवादियों ( प्रतिवादी संख्या 8 और 9) ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी (सी) संख्या 10538/2026) के जरिए चुनौती दी थी. शीर्ष अदालत ने लंबित सुनवाई के दौरान यथास्थिति (स्टेटस को) बनाए रखने का आदेश दिया था, जिसके चलते जेबीवीएनएल ने नोटिसों पर सुनवाई आगे नहीं बढ़ाई.
जेबीवीएनएल का बयान
सुनवाई में राज्य और जेबीवीएनएल की ओर से अधिवक्ता ने निर्देश के आधार पर बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 3 सितंबर 2026 के अपने आदेश में हाईकोर्ट के 5 फरवरी के अंतरिम आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया है. इसलिए निगम उक्त आदेश के निर्देशों का पालन करते हुए तीन माह में नोटिसों का निपटारा कर देगा.
कोर्ट का आदेश
खंडपीठ ने जेबीवीएनएल के इस बयान को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि वह अपने बयान के अनुरूप, 5 फरवरी 2026 के अंतरिम आदेश के सभी निर्देशों का पालन करते हुए तीन माह के भीतर नोटिसों का निपटारा करे. अगली सुनवाई 1 फरवरी 2027 को दोपहर 2:15 बजे होगी.
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