- जमशेदपुर डीसी वर्चुअल रूप से कोर्ट में हुए हाजिर
Ranchi : जमशेदपुर स्थित लक्ष्मी मेंशन इमारत के जीर्ण-शीर्ण और खतरनाक हालात पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. याचिकाकर्ता दुमकेश्वर महतो की ओर से बताया गया कि इमारत कभी भी गिर सकती है.
याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि समन्वित बेंच (न्यायमूर्ति दीपक रोशन) ने 08.04.2025 के आदेश में मकान मालिक और किरायेदारों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. उसके बाद गठित समिति ने NIT, जमशेदपुर से जांच करवाई, जिसमें इमारत को खतरनाक बताया गया.
इसके बावजूद भी डिप्टी अर्बन कमिश्नर ने 25.03.2026 को इमारत खाली करने व ध्वस्तीकरण का आदेश पारित करने के बाद भी ध्वस्तीकरण नहीं कराया है. कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार और जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी को जवाबी शपथ पत्र दाखिल करने को कहा. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि उस इमारत में रहने वाले व किरायेदारों को प्रतिवादी में जोड़े और उन्हें दलील में शामिल करे.
कोर्ट ने कुछ प्रतिवादियों के विरुद्ध ‘दस्ती प्रक्रिया’ से नोटिस जारी करने, और दस्ती समन के प्रशासनिक प्रावधान पूरा करने का निर्देश दिया. प्रार्थी के वकील को इन प्रतिवादियों को व्यक्तिगत रूप से नोटिस देने की अनुमति दी गई है और वे इसका शपथ पत्र दाखिल करेंगे.
कोर्ट ने जमशेदपुर के डिप्टी कमिश्नर राजीव रंजन से भी कहा कि वे डिप्टी अर्बन कमिश्नर और अन्य संबंधित अधिकारियों से 25.03.2026 के आदेश के संदर्भ में रिपोर्ट मंगवाएं. दोनों अधिकारियों को अगली सुनवाई 21 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है.
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