Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने मामले में स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर व डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्ट (प्रतिवादी संख्या 2) को मंगलवार को तलब किया है.
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के बावजूद सरकार ने नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए. इस कारण अवमानना याचिकाएं दायर की गईं. सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल किया गया, जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया. कोर्ट ने याद दिलाया कि 20 अप्रैल को आदेश दिया गया था कि यदि अदालत के आदेश का पालन नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू की जाएगी. उन्हें नोटिस भी जारी किया गया था.
इस मामले में कोर्ट ने 15 मई को सख्त चेतावनी दी थी कि अगली तिथि तक आदेश का पालन नहीं हुआ, तो अंतिम आदेश पारित किया जाएगा. अवमाननाकर्ता अधिकारियों का वेतन रोका जा सकता है. नियुक्ति पत्र जारी नहीं होने पर इसका उल्लेख उनकी सेवा पुस्तिका में किया जा सकता है. इसके बावजूद कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ और नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए. सरकार ने प्रक्रियागत कारण का हवाला दिया.
कोर्ट ने विशेष रूप से नोट किया कि प्रतिवादी संख्या 2 के खिलाफ पहले ही नोटिस जारी हो चुका था. इसके बावजूद संबंधित अधिकारी अदालत में उपस्थित नहीं हुए. कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया है. ज्ञात हो कि मामले को लेकर ज्योति लाल महतो व अन्य की ओर से अवमानना याचिका दायर की गई है.
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