Search

 
 
 

Court News : हजारीबाग वन भूमि घोटाला केस में राजस्व कर्मचारी को HC से नहीं मिली अंतरिम राहत

हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में आरोपी राजस्व कर्मचारी संतोष कुमार वर्मा को झारखंड हाईकोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिली है. हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की कोर्ट ने संतोष कुमार वर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की.
 
  • एसीबी अब प्रार्थी पर कानून के अनुसार कर सकती है कार्रवाई
  • IAS विनय चौबे व नेक्सजेन के संचालक विनय कुमार सिंह व उनकी पत्नी भी है आरोपी

Ranchi: हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में आरोपी राजस्व कर्मचारी संतोष कुमार वर्मा को झारखंड हाईकोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिली है. हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की कोर्ट ने संतोष कुमार वर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की.

 

सुनवाई के दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल सुमित गाड़ोदिया ने अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि प्रार्थी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं.

 

केवल अग्रिम जमानत आवेदन लंबित रहने से उन्हें कोई स्वतः संरक्षण (immunity/protection) नहीं मिल सकती है. इससे पहले प्रार्थी की ओर से कोर्ट से दो सप्ताह के समय की मांग की गई थी. 

 

कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 18 जून निर्धारित करते हुए याचिकाकर्ता को अभी कोई अंतरिम राहत नहीं दी है. यानी एसीबी याचिकाकर्ता पर कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकती है. गिरफ्तारी से अस्थायी सुरक्षा भी कोर्ट ने नहीं दी है.

 

साथ ही आदेश को निचली अदालत को फैक्स/ ईमेल से भेजने का निर्देश दिया गया. यहां बता दें कि हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में आरोपी राजस्व कर्मचारी संतोष कुमार वर्मा की ओर से हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी गई है. 

 

क्या है मामला

आरोप है कि विनय कुमार सिंह ने हजारीबाग में 28 डिसमिल गैर मजूरआ खास जंगल झाड़ की सरकारी जमीन की खरीद की थी और इसका सरकारी अधिकारियों की मिली भगत से गलत तरीके से म्यूटेशन भी करा लिया था. राज्य राजस्व कर्मचारी संतोष कुमार वर्मा ने इस जमीन के प्रतिबंधित सूची में होने और वन भूमि होने के बावजूद भी इस जमीन के बारे में गलत रिपोर्ट सर्किल अफसर (CO ) को दी थी.

 

इस जमीन के प्रतिबंधित सूची में होने और वन भूमि होने का दस्तावेज भी उनके पास था लेकिन उसे उन्होंने सर्किल अफसर को उपलब्ध नहीं कराया था. इसके बाद एसीबी ने मामले में केस दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है. मामले में हजारीबाग एसीबी कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया गया है. मामले में IAS विनय चौबे एवं नेक्सजेन के संचालक विनय कुमार सिंह, उनकी पत्नी भी आरोपी है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही