Ranchi : झारखंड में आमतौर पर मई के महीने में झुलसाने वाली गर्मी पड़ती है. लेकिन इस बार यह लोगों को ठड़क का अहसास दिला रहा है. दिन में तेज धूप और उमस की जगह हल्की ठंडक महसूस हो रही है. जबकि रात के समय मौसम नवंबर जैसी सिहरन दे रहा है.
कई इलाकों में लोगों ने पंखों की रफ्तार तक कम कर दी है. मौसम विभाग की मानें 13 मई तक झारखंड में इसी तरह का मौसम रहेगा. आईएमडी ने कई जिलों में गर्जन, तेज हवा और बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है. वहीं 14 मई को भी मेघ गर्जन और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है.
विशेषज्ञों का कहना है कि मई के दूसरे पखवाड़े में बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात का असर भी मौसम पर पड़ सकता है. इससे आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज और बदलने के संकेत मिल रहे हैं.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, तापमान में अचानक बढ़ोतरी और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण बार-बार काल बैसाखी बन रही है. यही वजह है कि थोड़ी गर्मी बढ़ते ही तेज आंधी, गर्जन और बारिश का दौर शुरू हो जा रहा है.
अप्रैल से अब तक कई बार काल बैसाखी सक्रिय हो चुकी है, जिससे तापमान 41-42 डिग्री से गिरकर 32-33 डिग्री तक पहुंच गया है. इस बार छोटी और सीमित दायरे वाली काल बैसाखी का असर अधिक देखने को मिल रहा है.
कई बार यह कुछ किलोमीटर के क्षेत्र में ही तेज तबाही मचा रही है. धनबाद में हाल के दिनों में तेज आंधी से पेड़, पोल और अस्थायी संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुईं. पुस्तक मेला भी आंधी की चपेट में आकर प्रभावित हुआ था.
भूगर्भशास्त्री डॉ. एसपी यादव के मुताबिक, बिहार और झारखंड में तेजी से बदलती भौगोलिक परिस्थितियां भी मौसम के इस बदलाव के पीछे बड़ी वजह है. सड़कों के विस्तार, पेड़ों की कटाई, सूने खेत और कंक्रीट के बढ़ते ढांचे से जमीन तेजी से गर्म हो रही है. झारखंड में छोटानागपुर पठार के अधिक गर्म होने से काल बैसाखी को ऊर्जा मिल रही है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment