Ranchi : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में वोकेशनल कोर्स को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. छात्रों और छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर बीसीए (BCA) में एडमिशन कराकर बीएससी सीए (BSc CA) की पढ़ाई कराने का आरोप लगाया है. इस मामले को लेकर छात्र संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है.
छात्र नेता वसीम अंसारी ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में वर्ष 2021 से संचालित वोकेशनल कोर्सेज जैसे BSc CA, BSc IT, MBA, MCA और BBA को अब तक AICTE (ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन) की मान्यता नहीं मिली है.

उनका कहना है कि छात्रों से BCA के नाम पर फीस ली जाती है, लेकिन एडमिट कार्ड और मार्कशीट पर BSc CA लिखा होता है. कहा कि AICTE से मान्यता नहीं होने के कारण इन डिग्रियों की वैधता और रोजगार के अवसरों पर भी सवाल उठ रहे हैं.
कई छात्रों को इंटर्नशिप और अन्य ऑनलाइन आवेदन के दौरान DSPMU का विकल्प नहीं मिलने से “Other” श्रेणी चुनने के लिए मजबूर होना पड़ता है. छात्रों ने विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी आरोप लगाया है.
उनका कहना है कि वोकेशनल कोर्सेज के नाम पर भारी फीस वसूली जा रही है. जबकि स्मार्ट क्लास, ऑडियो-विजुअल सिस्टम और अन्य तकनीकी सुविधाएं पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं.
संत पॉल कॉलेज में भी चल रहा डिग्री विवाद
मामले को लेकर छात्र संघ ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द AICTE से मान्यता की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो छात्र उग्र आंदोलन करेंगे और विश्वविद्यालय बंद कराने तक की रणनीति अपनाई जाएगी.
छात्र नेताओं का कहना है कि AICTE मान्यता मिलने से न केवल वर्तमान छात्रों की डिग्री को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, बल्कि भविष्य में B.Tech, M.Tech, B.Pharma और Polytechnic जैसे नए तकनीकी कोर्स शुरू करने का रास्ता भी खुलेगा.
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