- मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण कार्य के मास्टर प्लान का प्रेजेंटेशन किया गया प्रस्तुत
- मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण पर खर्च होंगे करीब 80 करोड़ रुपये
- 254 दुकानदारों के पुनर्वास लिए 15 दिनों के भीतर होगी अस्थायी व्यवस्था
- दुकानदारों के स्थाई पुनर्वास के लिए 3.8 एकड़ में दुकान और पार्किंग स्थल बनेगा
- 30 जून को भी रामगढ़ डीसी को कोर्ट में हाजिर रहने का निर्देश
Ranchi : रामगढ़ के मां छिन्नमस्तिका मंदिर के पुनर्निर्माण और मंदिर में सुविधाओं को लेकर दायर अवमानना याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) प्रस्तुत करने के लिए कोर्ट ने 6 सप्ताह का समय दिया है.
सुनवाई के दौरान मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण कार्य से जुड़ी कंपनी चड्ढा एसोसिएट के प्रतिनिधि राजीव चड्ढा ने कोर्ट को रजरप्पा मंदिर परिसर के मास्टर प्लान के संदर्भ में प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया. जिसमें वीडियो, फोटोग्राफ्स और मैप प्रस्तुत किए गए थे. जिस पर कोर्ट ने कहा कि जल्द से जल्द मंदिर का पुनर्निर्माण कराया जाए. कंसल्टेंट ने बताया कि रजरप्पा मंदिर के पुनर्निर्माण पर करीब 80 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं.
रामगढ़ डीसी सुनवाई के दौरान सशरीर कोर्ट में उपस्थित थे. रामगढ़ डीसी ने कोर्ट को बताया कि 254 दुकानदारों के लिए 15 दिनों के भीतर अस्थायी व्यवस्था कर उन्हें स्थान उपलब्ध करा दिया जाएगा. उनके स्थाई पुनर्वास के लिए 3.8 एकड़ में दुकान और पार्किंग स्थल बनाया जाएगा. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ में हुई.
रामगढ़ डीसी ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि डीपीआर तैयार हो जाने के बाद शीघ्र स्वीकृति दिलाई जाएगी. इससे पहले प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने कोर्ट को बताया कि मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए वर्ष 2002 में 125 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी. वर्ष 2017-18 में इसका डीपीआर बन चुका था और वर्ष 2018 में इसके लिए 200 करोड़ रूपया स्वीकृत भी हो चुका था लेकिन कार्य आगे नहीं बढ़ पाया था. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 जून निर्धारित करते हुए उस दिन भी रामगढ़ डीसी को कोर्ट में हाजिर रहने को कहा है.
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