Ranchi : छत्तीसगढ़ के विजय सेंट्रल कोल ब्लॉक आवंटन में हुए घोटाले में फंसे सुधीर सहाय को राहत मिल गई है. दिल्ली की विशेष अदालत ने उन्हें इस मामले से बरी कर दिया है. सुधीर सहाय पूर्व गृह राज्य मंत्री और झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय के भाई हैं.
कोल आवंटन घोटाले की जांच सीबीआई ने की थी. जांच के बाद एजेंसी ने सुधीर सहाय के अलावा एसकेएस इस्पात पावर लिमिटेड के डायरेक्टर अनिल गुप्ता, ज्वाइंट डायरेक्टर दीपक गुप्ता, मैनेजर अमृत सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. सुधीर सहाय इस कंपनी में नामित डायरेक्टर थे.
अदालत ने सभी को आरोपों से बरी कर दिया है. अपने फैसले में कोर्ट ने कहा है कि सीबीआई ने कंपनी व उसके अधिकारियों पर जो आरोप लगाये हैं, उसके पक्ष में साक्ष्य उपलब्ध नहीं है. उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने आरोप लगाया था कि एसकेएस कंपनी ने अपनी क्षमता के बारे में गलत जानकारी देकर कोल आवंटन प्रक्रिया का लाभ उठाया था.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment