Ranchi : झारखंड विधानसभा में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) झारखंड शाखा की वार्षिक आम बैठक में लोकतांत्रिक मूल्यों, सुशासन और समावेशी विकास को मजबूत करने पर जोर दिया गया. बैठक की शुरुआत दिवंगत सदस्यों रामदास सोरेन और रामचंद्र नायक को श्रद्धांजलि अर्पित कर एक मिनट का मौन रखकर की गई.
बैठक में CPA के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि 1911 में स्थापित यह संगठन आज 56 से अधिक देशों की 180 से ज्यादा शाखाओं के साथ लोकतांत्रिक संवाद का एक बड़ा मंच बन चुका है. इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना, विधायिकाओं की क्षमता बढ़ाना और सदस्य देशों के बीच अनुभव साझा करना है.
भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा गया कि देश में CPA की 33 शाखाएं सक्रिय हैं, जो विविधता और मजबूत लोकतांत्रिक परंपराओं का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं.
बैठक में महिला सशक्तिकरण, छोटे राज्यों की भागीदारी और दिव्यांग प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने वाली CPA इकाइयों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया.
झारखंड शाखा की गतिविधियों पर चर्चा करते हुए कहा गया कि राज्य के विधायकों को प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय अनुभवों का लाभ और जनहित के मुद्दों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं.
इस दौरान 2025 में बारबाडोस में आयोजित 68वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में झारखंड की सक्रिय भागीदारी का भी उल्लेख किया गया. सम्मेलन में लैंगिक समानता, समावेशी शासन और मानव केंद्रित विकास जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ. बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि अगला सम्मेलन केप टाउन (दक्षिण अफ्रीका) में आयोजित होगा.
अंत में, लोकतंत्र को मजबूत करने, तकनीकी नवाचार अपनाने, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए CPA झारखंड शाखा को और अधिक सक्रिय बनाने का आह्वान किया गया. बैठक में विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो, रांची विधायक व पूर्व मंत्री सीपी सिंह, मंत्री दीपिका पांडे सिंह, वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, विधायक रामचंद्र सिंह सहित कई झारखंड के राजनेता मौजूद रहे.
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