Ranchi: आइसा (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर विधानसभा मार्च के दौरान स्याही फेंकने की घटना को लेकर भाकपा माले की झारखंड राज्य कमिटी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने घटना की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को बाधित करने की सोची-समझी कोशिश है.
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भाकपा माले ने अपने बयान में आरोप लगाया कि नेहा बोरा पर हमला करने का प्रयास "भाजपायी गुंडों" द्वारा किया गया. पार्टी का कहना है कि आइसा, आरवाईए, एआईएसएफ, एसएफआई और अन्य छात्र संगठनों द्वारा घोषित विधानसभा मार्च का उद्देश्य हेमंत सरकार से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर जवाब मांगना था.
पार्टी ने यह भी दावा किया कि जैसे-जैसे छात्र-युवा आंदोलन तेज हो रहा है, भाजपा नेताओं की बेचैनी बढ़ रही है. बयान में वर्तमान सरकार के साथ-साथ पूर्व में हुई जेपीएससी परीक्षाओं और नियुक्तियों में भी कथित धांधलियों का उल्लेख करते हुए पूर्व मुख्यमंत्रियों बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा के करीबी लोगों की नियुक्तियों पर सवाल उठाए गए हैं. साथ ही यह भी कहा गया कि छात्र-युवा सीबीआई जांच को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं.
भाकपा माले ने कहा कि नेहा बोरा ने पहले भी नीट (NEET) परीक्षा के खिलाफ छात्र आंदोलनों का नेतृत्व किया था और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया. पार्टी ने झारखंड पुलिस से मांग की है कि घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए.
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