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नगर निकाय चुनाव पर भाकपा माले का आह्वान - साफ छवि के उम्मीदवार चुनें

झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. इसी क्रम में भाकपा माले ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर चुनावी माहौल और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी
 

Ranchi : झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. इसी क्रम में भाकपा माले ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर चुनावी माहौल और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी. प्रेस वार्ता में मनोज भक्त, आर. एन. सिंह, अनंत प्रसाद गुप्ता और नंदिता भट्टाचार्य उपस्थित रहे.

 

वक्ताओं ने कहा कि भले ही नगर निकाय चुनाव आधिकारिक तौर पर गैर-राजनीतिक और गैर-पार्टी आधार पर हो रहे हों, लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों की सक्रियता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है. उन्होंने मतदाताओं से सतर्क और सजग रहने की अपील की.

 

मताधिकार पर चिंता जताई


प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने मताधिकार पर कथित हमलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की. उनका आरोप था कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से मतदान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जैसा कि पूर्व में कुछ राज्यों में देखने को मिला. उन्होंने कहा कि मतदाताओं को अपने वोट की ताकत को समझना चाहिए, क्योंकि पार्षद से लेकर संसद तक महत्वपूर्ण फैसले इसी अधिकार के माध्यम से तय होते हैं.इस उद्देश्य से राज्यभर में जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि लोग लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक हों और निर्भीक होकर मतदान करें.

 

उम्मीदवार चयन में सावधानी बरतने की अपील


वक्ताओं ने जनता से अपील की कि वे उम्मीदवारों का चयन करते समय विशेष सतर्कता बरतें. सांप्रदायिकता, अपराध, नशाखोरी और महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों को चुनाव में नकारने का आह्वान किया गया. उन्होंने कहा कि ‘भ्रष्टाचार, सांप्रदायिकता और अपराध’ (3Cs) से समझौता करने वाले लोग जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सकते.

 

निजीकरण और बुनियादी सुविधाएं बने मुद्दा

प्रेस वार्ता में शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को चुनाव का मुख्य मुद्दा बनाने की बात कही गई. नगर निकायों में बढ़ते निजीकरण और ठेका प्रथा का विरोध करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इससे न केवल आम जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ता है, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है और स्थायी रोजगार के अवसर कम होते हैं.

 

प्रमुख शहरों में अभियान

जानकारी दी गई कि रांची, धनबाद और गिरिडीह सहित कई शहरों में समान विचारधारा के लोग मतदाताओं से संपर्क कर जागरूकता अभियान चला रहे हैं. अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को गुमराह होने से बचाना और स्वच्छ छवि वाले उम्मीदवारों को समर्थन देने के लिए प्रेरित करना है.वक्ताओं ने कहा कि नगर निकाय चुनाव केवल स्थानीय निकायों का चुनाव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द की रक्षा का अवसर भी है.

 

 

 

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