Lucknow : आरक्षण में क्रीमी लेयर को लेकर RSS चीफ मोहन भागवत द्वारा दिये गये बयान पर बहुजन समाज पार्टी(बसपा) सुप्रीमो मायावती भड़क गयी हैं. मायावती ने आज रविवार को एक्स पर पोस्ट कर आरक्षण का समर्थन किया.
1.देश में ’बहुजन समाज’ में से ख़ासकर एससी, एसटी व ओबीसी वर्गों के लिये आरक्षण ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ अर्थात् हमेशा से इनके आत्म-सम्मान की ज़िन्दगी से जुड़ा अति-महत्वपूर्ण व अत्यन्त संवेदनशील मामला है और जाति के आधार पर सदियों से यहाँ तोड़े, सताये व पछाड़े गये एससी व…
— Mayawati (@Mayawati) August 9, 2026
आरक्षण में क्रीमि लेयर लाये जाने के संदर्भ में कहा है कि यह बाबासाहब अंबेडकर के उद्देश्यों के खिलाफ है. साथ ही. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान की आलोचना करते हुए आरोप लगाया की उनकी सोच संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित है.
मायावती ने स्पष्ट रूप से SC/ST और OBC वर्गों के आरक्षण को बेहद संवेदनशील मुद्दा करार दिया. कहा कि इन समुदायों के लोगों को लंबे समय तक जाति के आधार पर भेदभाव झेलना पड़ा है. आज भी इन वर्गों के साथ शोषण और अन्याय पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.
मायावती के वर्तमान माहौल में आरक्षण में क्रीमी लेयर की बात करना बाबासाहेब आंबेडकर के उद्देश्यों के खिलाफ है. बता दें कि हाल ही में मोहन भागवत ने कहा था कि आरक्षण पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. आरक्षण सामाजिक कारणों से है. जब तक सामाजिक भेदभाव रहेगा, तब तक आरक्षण जारी रहेगा. इस क्रम में श्री भागवत ने कहा, जिन लोगों को इसका लाभ मिला है, उन्हें आगे आकर उदारता दिखानी चाहिए.
आरक्षण का लाभ लेने वालों को अपनी इच्छा से इसका लाभ छोड़ने पर विचार करना चाहिए. मोहन भागवत का यह बयान मायावती को रास नहीं आया. उन्होंने कहा, ऐसी जातिवादी सोच संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ को बढ़ावा देती है.यह संविधान के उद्देश्यों के खिलाफ है.
मायावती ने कहा, देश में जमीनी स्तर पर जातिवाद अभी भी मौजूद ह आरएसएस इससे अच्छी तरह वाकिफ है. मायावती के अनुसार केंद्र की सरकारों ने इस जमीनी सच्चाई को अच्छी तरह समझा है. मायावती ने आरएसएस से आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति छोड़ने की अपील करते हुए कहा, आरक्षण में किसी भी तरह के बदलाव की वकालत बंद की जानी चाहिए
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