- पुलिस की हर तरफ हो रही किरकिरी
- अपराधियों को पकड़ने के बजाय आम लोगों पर बरस रही लाठियां
Jamshedpur News : शहर में अपराध का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि कई लोग रात 8 बजे के बाद घर से बाहर निकलने से भी परहेज कर रहे हैं. जमशेदपुर औद्योगिक नगरी के तौर पर पहचाना जाता है, जहां देर रात तक लोगों की आवाजाही रहती थी. लेकिन लगातार हो रही गोलीबारी, लूट, डकैती और हत्या की वारदातों के बीच अब लोगों के मन में यह डर बैठता जा रहा है कि पता नहीं कब कहां गोली चल जाए या किसी के घर में डकैती हो जाए.
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शहरवासियों की सबसे बड़ी शिकायत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर है. लोगों के बीच सवाल है कि जब अपराधी लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, तो पुलिस की गश्ती और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जमीन पर कितनी प्रभावी है. एक के बाद एक घटनाओं ने पुलिस की कार्यशैली को लेकर किरकिरी कराई है.
हालांकि लगातार सवाल उठने के बाद पुलिस अब सड़कों पर दिखाई दे रही है. रात में गश्ती बढ़ाई गई है और पुलिसकर्मी विभिन्न इलाकों में जांच करते नजर आ रहे हैं. लेकिन इसी दौरान सामने आए वीडियो और तस्वीरों ने पूरी कार्रवाई पर सवाल खड़ा कर दिया है. अपराधियों की धरपकड़ के लिए निकली पुलिस आम लोगों को खदेड़ती और कुछ लोगों पर लाठियां बरसाती नजर आ रही है.
सवाल यह है कि जब शहर अपराधियों के खौफ में है, तो पुलिस का डंडा आम जनता पर क्यों?
रात में दुकान के बाहर बैठे या सड़क पर मौजूद हर व्यक्ति अपराधी नहीं है. अगर कहीं अड्डेबाजी या संदिग्ध गतिविधि हो रही है तो पुलिस को कानून के मुताबिक कार्रवाई करने का अधिकार है, लेकिन आम लोगों के साथ बल प्रयोग का दृश्य सामने आना निश्चित तौर पर सवाल खड़े करता है.
26 सितंबर को मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल में दिनदहाड़े फायरिंग में तीन युवक घायल हुए. 25 सितंबर की रात आदित्यपुर में घर में घुसकर एक युवक को गोली मार दी गई. गोलमुरी में केनरा बैंक में करोड़ों रुपये की डकैती और ज्वेलरी दुकान में चोरी जैसी घटनाओं ने भी शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं.
जमशेदपुर के लोग सुरक्षा चाहते हैं, डर नहीं. उन्हें भरोसा चाहिए कि रात में घर से निकलने पर अपराधी नहीं, पुलिस उनकी हिफाजत के लिए मौजूद है.
आज तस्वीर यह है कि अपराधी वारदात कर रहे हैं, जनता खौफ में है. ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपराधियों पर नकेल कसने और शहरवासियों का भरोसा बहाल करने की है. पुलिस का इकबाल अपराधियों में होना चाहिए, आम जनता में खौफ पैदा करने के लिए नहीं.
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