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SIR नोटिस के समाधान के लिए SDO कार्यालय में रोज जुट रही लोगों की भीड़

Ranchi News :इस मौके पर कांटाटोली की दीपा कुमारी को बीएलओ के द्वारा नोटिस दिया गया है.इन्होंने बताया कि उनके पिता के नाम में समानता पाए जाने पर करीब 15 दिन पहले नोटिस दिया गया था.करीब एक घंटे से अपनी बारी का इंतजार की.कांटाटोली की जोसमिन रूण्डा बताया कि आधार कार्ड और पहचान पत्र में जन्म तिथि में अंतर पाए जाने पर नोटिस दिया गया.
 
एसडीओ कार्यालय

Ranchi News : एसडीओ कार्यालय के पहले और दूसरे तल्ले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत भेजा गए नोटिस का सुनवाई हो रही है. इस दौरान शहर के विभिन्न वार्डों के नोटिस प्राप्तकर्ता अपने पुराने दस्तावेज लेकर हाजरी लगा रहे है. लोगों के समाधान के लिए कई कर्माचारियों को लगाए गए है. इस मौके पर लोगो ने बताया कि 2003 की मतदाता सूची में नाम और दस्तावेजों के मिलान में अंतर पाए जाने के बाद नोटिस भेजा गया है.

 

 

इस मौके पर कांटाटोली की दीपा कुमारी को बीएलओ के द्वारा नोटिस दिया गया है.इन्होंने बताया कि उनके पिता के नाम में समानता पाए जाने पर करीब 15 दिन पहले नोटिस दिया गया था.करीब एक घंटे से अपनी बारी का इंतजार की.कांटाटोली की जोसमिन रूण्डा बताया कि आधार कार्ड और पहचान पत्र में जन्म तिथि में अंतर पाए जाने पर नोटिस दिया गया.

 

करीब 20 दिन पहले बीएलओ घर पहुंचकर नोटिस देकर गए थे.इसकी आज सुनवाई है.एक अन्य मामले में 2003 की मतदाता सूची में पिता के नाम की स्पेलिंग और वर्तमान मतदाता सूची में अंतर पाया गया. समाधान के लिए पहुंचे व्यक्ति ने बताया कि 2003 की सूची में नाम की स्पेलिंग इमानिक थी  जबकि वर्तमान सूची में इसमें एक अक्षर का अंतर पाने के वजह से नोटिस थमाया गया है.इसे सही करने के लिए राशन कार्ड, आधार कार्ड और पहचान पत्र जमा किए गए हैं.

 

कांके हातमा निवासी बिरेंद्र मिंज ने बताया कि पिता की उम्र और बेटे की उम्र में केवल 15 साल का अंतर पाए जाने के कारण 15 दिन पहले नोटिस दिया गया था. बीएलओ ने फोन कर सुनवाई के लिए बुलाया. वह करीब डेढ़ घंटे से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. 

 

इसे प्रामामणइत करने के लिए स्कूल सर्टिफिकेट, जाति प्रमाण पत्र और आवासीय प्रमाण पत्र दस्तावेज के तौर पर जमा किए हैं. वहीं, पिस्कामोड़ की रागिनी कुमारी ने बताया कि नाना के नाम पर एक ही नाम के कई लोगो के नाम पाए जाने के कारण कारण उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया. वह भी करीब डेढ़ घंटे से अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं. प्रमाण के तौर पर उन्होंने मैट्रिक का सर्टिफिकेट और आधार कार्ड जमा किया.

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