Search

 
 
 

हिरासत में मौत मामला: पलामू जिला जज न्यायिक जांच गठित कर 3 माह में रिपोर्ट दे- HC

Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने हिरासत में कथित यातना और मौत के मामले में दायर शाईदा खातून एवं अन्य अवमानना याचिका पर फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले में पलामू के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निर्देश दिया है कि वह मजिस्ट्रेट नियुक्त कर 15 दिनों के भीतर मामले की न्यायिक जांच (जुडिशियल इंक्वारी) गठित करें.
 
  • 15 दिनों के भीतर न्यायिक जांच के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ले

Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने हिरासत में कथित यातना और मौत के मामले में दायर शाईदा खातून एवं अन्य अवमानना याचिका पर फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले में पलामू के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निर्देश दिया है कि वह मजिस्ट्रेट नियुक्त कर 15 दिनों के भीतर मामले की न्यायिक जांच (जुडिशियल इंक्वारी) गठित करें. 

 

साथ ही 3 माह के भीतर इसकी जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंप दें. इसके बाद आगे की कार्रवाई हाईकोर्ट करेगी. खंडपीठ ने कहा कि यह मामला जुडिशियल इंक्वारी के लिए उपयुक्त है. इसलिए इसकी ज्यूडिशल इंक्वारी करना आवश्यक है.    


पूर्व में दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था. राज्य सरकार की ओर से तत्कालीन महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पक्ष रखा था. वहीं, प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शादाब इकबाल और अधिवक्ता आयुष राज ने पैरवी की थी. 

 

हिरासत में मारपीट से हुई थी युवक की मौत

प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शादाब ईकबाल व अधिवक्ता आयुष राज ने कोर्ट को बताया था कि 1 मार्च 2025 को युवक महफूज अहमद को नवाबाजार में पुलिस पकड़ कर ले गई थी, हिरासत में लेकर उसके साथ मारपीट की गई. बाद में उसके खिलाफ  पांकी थाना कांड संख्या 25 /2025 दर्ज कर सीजेएम कोर्ट पलामू में पेश कर रिमांड पर लिया गया. उस दौरान सीजेएम कोर्ट में पुलिस ने अस्पताल का एक सर्टिफिकेट भी प्रस्तुत किया था, जिसमें युवक के घायल होने के बावजूद भी उसे फिट फॉर कस्टडी बताया गया था.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही