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हिरासत में मौत अवमानना केस: मेदनी राय मेडिकल कॉलेज पलामू का मूल रजिस्टर हाईकोर्ट में पेश

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट में हिरासत में कथित यातना और मौत के मामले में दायर शाईदा खातून व अन्य अवमानना याचिका की सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट के आदेश के अनुपालन में मेदनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पलामू के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अजय कुमार ने अस्पताल का ओरिजिनल एडमिशन रजिस्टर कोर्ट में में प्रस्तुत किया.
 
  • मेडिकल सुपरिटेंडेंट कोर्ट में हुए हाजिर 

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट में हिरासत में कथित यातना और मौत के मामले में दायर शाईदा खातून व अन्य अवमानना याचिका की सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट के आदेश के अनुपालन में मेदनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पलामू के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अजय कुमार ने अस्पताल का ओरिजिनल एडमिशन रजिस्टर कोर्ट में में प्रस्तुत किया.  


हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने रजिस्टर का अवलोकन करने के बाद इसे मेडिकल सुपरिटेंडेंट को वापस सौंप दिया. कोर्ट ने निर्देश दिया कि एडमिशन रजिस्टर के संबंधित अंश की स्कैन कॉपी रिकॉर्ड पर रखी जाए. 


राज्य सरकार की ओर से जिन दस्तावेजों पर भरोसा किया जा रहा था, वे रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं पाए गए. इसपर कोर्ट ने राज्य को निर्देश दिया कि वे दस्तावेज अगली सुनवाई से पहले शपथ पत्र के माध्यम से रिकॉर्ड पर लाए. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 मार्च 2026 की तिथि निर्धारित की है.

 

याचिकाकर्ता का पक्ष 


याचिका में आरोप लगाया गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा डी.के. बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य (1997) मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का जानबूझकर पालन नहीं किया गया याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शादाब इकबाल ने कोर्ट को बताया कि मृतक को 1 मार्च 2025 को हिरासत में लिया गया था और उसी दिन कथित रूप से उसके साथ मारपीट की गई. 


इसके बाद उसे 24 घंटे बाद सेंट्रल जेल, मेदिनीनगर भेजा गया और इलाज के लिए 4 मार्च 2025 को रिम्स, रांची रेफर किया गया. याचिकाकर्ताओं ने रिम्स द्वारा जारी बेड टिकट का हवाला देते हुए कहा कि मृतक को पहली बार रिम्स में डॉक्टर ने 7 मार्च 2025 को देखा.

 

सरकार का पक्ष


सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पलामू (MMCH) के Admission Register का उल्लेख किया, जिसमें मृतक का नाम 6 मार्च 2025 रात 11:10 बजे अस्पताल में दर्ज बताया गया. सरकार का कहना है कि 4 मार्च 2025 की रेफरल तारीख डॉक्टर की गलती हो सकती है. 


याचिकाकर्ताओं ने Admission Register में रजिस्ट्रेशन नंबरों के क्रम में अंतर दिखाते हुए गंभीर विसंगतियां बताईं. राज्य के अधिवक्ता ने स्वीकार किया कि रजिस्ट्रेशन नंबरों में अंतर का कारण अभी स्पष्ट नहीं है.

 

मेडिकल सुपरिटेंडेंट से मांगी थी मूल Admission Register 

 

हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में मामले की सच्चाई स्पष्ट करने के लिए मूल Admission Register मांगी थी. कोर्ट ने आदेश दिया कि मेडिकल सुपरिटेंडेंट, मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पलामू व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों. साथ में मूल Admission Register भी प्रस्तुत करें.

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