Jamtara: समाहरणालय सभागार में सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के राजस्व संग्रहण एवं राजस्व प्रशासन की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में नारायणपुर अंचल की धीमी प्रगति और पारंपरिक ग्राम प्रधानों के रिक्त पदों की नियुक्ति में लापरवाही पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए नारायणपुर के अंचल अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा और उनका वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया.

उपायुक्त ने सभी विभागों को लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली में तेजी लाने, लंबित दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों का 30 दिनों के भीतर निष्पादन करने तथा बिना उचित कारण आवेदनों को अस्वीकृत नहीं करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से आवेदन रिजेक्ट होने पर संबंधित अंचल अधिकारी जिम्मेदार होंगे.
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बैठक में जीएम लैंड सर्वे की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई गई. उपायुक्त ने नाला व जामताड़ा के लिए 200, नारायणपुर के लिए 150 तथा करमाटांड़, फतेहपुर और कुंडहित के लिए 100 सर्वे प्रति माह का लक्ष्य निर्धारित किया.
परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया कि स्लॉट बुकिंग से वंचित रह गए लोगों के लिए भीड़भाड़ वाले प्रखंडों में पुनः ड्राइविंग लाइसेंस शिविर लगाए जाएं. वहीं कृषि विभाग को सख्त हिदायत दी गई कि किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचने वालों और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी.
उपायुक्त ने मिहिजाम में बढ़ते भूमि विवादों को देखते हुए प्रत्येक 15 दिन पर मंगलवार को थाना दिवस आयोजित करने का भी निर्देश दिया, ताकि जमीन संबंधी मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके.
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