Jamshedpur News: शहर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया है. सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स और यातायात एवं सड़क सुरक्षा की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के कारणों, यातायात व्यवस्था, नियमों के उल्लंघन और दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा के उपायों की समीक्षा की गई.
बैठक में सितंबर महीने के दुर्घटना आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी. इस दौरान जिले में 32 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 23 लोगों की मौत हो गई और 17 लोग घायल हुए. समीक्षा में सामने आया कि ज्यादातर दुर्घटनाओं के पीछे वाहन चालकों की लापरवाही प्रमुख कारण रही. खासकर दोपहिया वाहन चालकों के हेलमेट नहीं पहनने और यातायात नियमों की अनदेखी करने के मामले सामने आए. बाइक दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में केवल एक मामले में चालक के हेलमेट पहने होने की जानकारी मिली. इसके बाद उपायुक्त ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमित जांच और सख्त कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया.
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मानगो बस स्टैंड में लंबे समय से खराब पड़ी बसों की अवैध पार्किंग पर भी उपायुक्त ने नाराजगी जताई. उन्होंने संबंधित बस संचालकों को नोटिस जारी करने और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अगले सात दिनों के भीतर बसों को हटाने की कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर बेवजह वाहन खड़े रहने से यातायात बाधित नहीं होना चाहिए.
राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ मरीन ड्राइव और उन अन्य सड़कों पर भी अतिक्रमण तथा अवैध पार्किंग के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा, जहां भारी वाहनों का परिचालन होता है. उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी और यातायात डीएसपी को नियमित निगरानी रखने तथा सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया.
दुर्घटनाओं की आशंका कम करने के लिए सड़कों के किनारे उगी झाड़ियों की छंटाई भी कराई जाएगी. पोटका-जादूगोड़ा, डिमना-पटमदा समेत अन्य चिह्नित सड़कों पर झाड़ियों को हटाने का निर्देश आरसीडी के कार्यपालक अभियंता को दिया गया है. इससे वाहन चालकों को सड़क और आसपास की स्थिति साफ दिखाई देगी. इसके अलावा दुर्घटना संभावित स्थलों पर जरूरी संकेतक लगाने और सड़क सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं में सुधार करने को कहा गया.
बैठक में यातायात नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के 236 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं. वहीं, कुल 15 लाख 78 हजार 50 रुपये का जुर्माना वसूला गया है. उपायुक्त ने इस कार्रवाई को लगातार जारी रखने और आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया.
उपायुक्त राजीव रंजन ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए केवल चालान काटना पर्याप्त नहीं है. सड़कों की स्थिति सुधारने, अतिक्रमण हटाने, सुरक्षा संकेतक लगाने और वाहन चालकों को जिम्मेदारी के साथ यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करना भी जरूरी है.
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारिब, धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी अर्नव मिश्रा, जिला परिवहन पदाधिकारी महेश्वरी प्रसाद यादव, घाटशिला के अनुमंडल पदाधिकारी अमिताभ भगत, यातायात डीएसपी, जिला शिक्षा अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग, एनएचएआई, आरसीडी, टाटा स्टील यूआइएसएल समेत अन्य संबंधित विभागों और एजेंसियों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
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