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सिविल सर्जन ऑफिस में नशा मुक्ति अभियान ट्रेनिंग का हुआ समापन

रांची में आज सिविल सर्जन ऑफिस में नशा छुड़ाने के लिए चल रहे चार दिन के ट्रेनिंग प्रोग्राम का आखिरी दिन था. अब इस अभियान को और बड़ा किया जा रहा है.
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Ranchi: रांची में आज सिविल सर्जन ऑफिस में नशा छुड़ाने के लिए चल रहे चार दिन के ट्रेनिंग प्रोग्राम का आखिरी दिन था. अब इस अभियान को और बड़ा किया जा रहा है. आज से लेकर 26 जून तक पूरे रांची जिले में नशा के खिलाफ जोरदार मुहिम चलेगी.

 

इस दौरान हर प्रखंड के अलग-अलग मोहल्लों, गांवों और चौक-चौराहों पर नुक्कड़ नाटक होंगे, जिसमें लोगों को तंबाकू और नशे के बुरे असर के बारे में बताया जाएगा. स्कूल-कॉलेजों में भी बच्चे और युवा ये जान पाएंगे कि नशा कैसे उनकी सेहत और जिंदगी को बर्बाद कर सकता है.

 

ट्रेनिंग लेकर तैयार हुए लोग अब गांव-गांव जाकर बताएंगे कि नशा कितनी बड़ी मुसीबत है. पंचायत स्तर पर बैठकों का आयोजन होगा, जहां लोग खुलकर बात करेंगे और समझेंगे कि कैसे नशा से दूरी बनाकर एक बेहतर जीवन जिया जा सकता है.

 

अभियान में पोस्टर, बैनर और पंपलेट भी बांटे जाएंगे, ताकि हर किसी तक ये संदेश पहुंचे. जो लोग सार्वजनिक जगहों पर नशा करते मिलेंगे, उन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा.

 

डॉ. असीम मांझी ने बताया कि  नशा हमारे दिमाग और सोचने की ताकत पर असर डालता है. आज हम सबको ये संकल्प लेना चाहिए कि हम खुद भी नशा नहीं करेंगे और दूसरों को भी रोकेंगे. जब हम खुद बदलेंगे, तभी समाज बदलेगा.

 

जिला कार्यक्रम मैनेजर प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि ट्रेनिंग लेने वाले लोग अब अपने-अपने इलाके में जाकर औरों को जागरूक करेंगे. हम सबको मिलकर ये तय करना है कि हमारे गांव, मुहल्ले और शहर नशामुक्त बने.

 

टोबैको कंट्रोल सेल के सलाहकार सुशांत कुमार ने समझाया कि नशे की आदत बहुत जल्दी लग जाती है और बाद में छुड़ाना मुश्किल हो जाता है. इसलिए सबसे बेहतर तरीका यही है कि इससे दूर ही रहा जाए.

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