Tehran : ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मॉस्को भाग सकते हैं. विश्व भर के अखबारों में यह खबर सुर्खियों में है. ईरान के लीडरों के खिलाफ वहां की जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है.
ईरान के सभी शहरों में हजारों की संख्या में लोग वर्तमान लीडरशिप के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं. सुरक्षा बलों के साथ हिंसक झड़पों में कई लोगों के मारे जाने की खबर है.
लगातार बढ़ती महंगाई, डालर के मुकाबले ईरान की मुद्रा का गर्त में चले जाने, चरम पर बेरोजगारी के कारण शुरू हुआ प्रदर्शन अब राजनीतिक रंग ले चुका है. प्रदर्शनकारी डेथ टू डिक्टेटर और मुल्ला देश छोड़ो,,, जैसे नारे लगा रहे हैं. कई जगहों पर आगजनी हो रही है.
द टाइम्स ने एक खुफिया रिपोर्ट के हवाले से लिखा है कि अगर ईरान में खोमेनेई के शासनका पतन हो जाता है तो वो मॉस्को जा सकते हैं. रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा एजेंसियां यदि प्रदर्शनों को दबा नहीं पायी, तो 86 वर्षीय खामेनेई तेहरान छोड़कर अपने सहयोगियों और पारिवारिक सदस्यों के साथ देश से चले जायेंगे.
अखबार ने खामेनेई के लिए बने प्लान बी की भी जानकारी दी है. वह यह कि खामेनेई अपने बेटे मोजतबा सहित 20 सहयोगियों और परिवार के सदस्यों के साथ ईरान छोड़ का जा सकते हैं.
खामेनेई द्वारा रूस में शरण लिये जाने की बात इसलिए कही जा रही है कि इससे पूर्व 2024 के में सीरिया के तत्कालीन राष्ट्रपति बशर अल-असद विद्रोहियों द्वारा सत्ता पर कब्जे किये जाने के बाद मॉस्को चले गये थे. बशर अल-असद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और खामेनेई दोनों के काफी करीबी माने जाते हैं.
द टाइम्स ने यह भी लिखा है कि जून में इजराइल के साथ हुए 12 दिनों के युद्ध के बाद खामेनेई मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर हो चले हैं.
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार ईरान में एक सप्ताह से जारी प्रदर्शन के कारण कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है. भारी संख्या में लोग गिरफ्तार किये गये हैं,
बढ़ते प्रदर्शनों के लेकर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशिक्यान ने गृह मंत्रालय से कहा है कि वे प्रदर्शनकारियों के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार रवैया अख्तियार करे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा जारी रहा तो हम चुप नहीं बैठेंगे
.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.



Leave a Comment