Lagatar Desk : दिल्ली में साल 2020 में हुए दंगे के आरोप में जेल में बंद शरजील इमाम और उमर खालिद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है. शरजील इमाम और उमर खालिद पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, UAPA के तहत मामला दर्ज है.
हालांकि जस्टिस अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया की बेंच ने अन्य पांच आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी है.
इससे पहले 10 दिसंबर को आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी. बेंच ने आरोपी और दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो आज सुनाया गया.
The Supreme Court rejects the bail plea of Umar Khalid and Sharjeel Imam, who are booked under the Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) in connection with the 2020 Delhi Riots larger conspiracy case. pic.twitter.com/7tZ4lB3xpg
— ANI (@ANI) January 5, 2026
एक साल बाद जमानत के लिए कर सकते हैं अप्लाई
शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि दोनों अभियोजन और सबूतों के मामले में "गुणात्मक रूप से अलग स्थिति" में हैं और कथित अपराधों में उनकी भूमिका "मुख्य" थी.
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों की जेल की अवधि लंबी और लगातार है. लेकिन यह संवैधानिक आदेश का उल्लंघन नहीं करती और न ही कानून के तहत वैधानिक रोक को समाप्त करती है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब सभी प्रॉसिक्यूशन गवाहों की जांच पूरी हो जाएगी या किसी भी हालत में एक साल बाद, उमर खालिद और शरजील इमाम फिर से जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट में अप्लाई कर सकते हैं. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने पांच आरोपियों को जमानत देते हुए टिप्पणी कि इनकी कोई गलती भी है, तो वह निचले स्तर की है.
The Court noted that Umar Khalid and Sharjeel Imam stand on a “qualitatively different footing” both in terms of prosecution and evidence.
— ANI (@ANI) January 5, 2026
It noted that their roles were “central” to the alleged offences. As regards these two, though the period of incarceration is continued and…
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