Ranchi News : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अख्तर अली ने मतदाता सूची को सर्च योग्य पीडीएफ प्रारूप में उपलब्ध कराने के फैसले को जनता और विपक्ष की आवाज की जीत बताया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से माफी मांगने और हलफनामा देने की शर्त रखने के बाद तीसरा रास्ता नहीं होने की बात कहने वालों को समझना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता की आवाज से बड़ा कोई अहंकार नहीं होता.
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अख्तर अली ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के सवालों के सामने उनका अहंकार टूटता नजर आ रहा है. चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का जवाब दबाव बनाने से नहीं, बल्कि पारदर्शिता और तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को सर्च योग्य प्रारूप में उपलब्ध कराने का फैसला स्वागतयोग्य है, लेकिन सवाल यह है कि जब यह व्यवस्था पहले भी संभव थी, तो इसे पहले क्यों लागू नहीं किया गया?
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी का मुद्दा उठाकर लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई को नई दिशा दी है. कांग्रेस अब तक हुए चुनावों की मतदाता सूचियों की जांच कर संदिग्ध नामों, डुप्लीकेट प्रविष्टियों और अन्य कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों को जनता के सामने रखेगी. इसका उद्देश्य किसी पर बेबुनियाद आरोप लगाना नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है.
अख्तर अली ने कहा कि चुनाव आयोग किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि संविधान और देश के मतदाताओं का संस्थान है. उसकी जिम्मेदारी निष्पक्ष चुनाव कराना और प्रत्येक मतदाता के वोट की गरिमा की रक्षा करना है. यदि आयोग निष्पक्ष है, तो उसे सवालों से बचने के बजाय उनका स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि वोट जनता का अधिकार है, किसी राजनीतिक पार्टी की जागीर नहीं. लोकतंत्र में सवालों को दबाया नहीं जा सकता और न ही जनता की आवाज को अनसुना किया जा सकता है. कांग्रेस मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और अपनी लड़ाई जारी रखेगी
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