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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर होगी सहायक शिक्षक आकलन परीक्षा को टेट का दर्जा देने पर निर्णय

Ranchi: झारखंड के 40 हजार से अधिक सहायक शिक्षकों के भविष्य को लेकर बुधवार को एक वार्ता हुई. वार्ता में सरकार ने यह आश्वासन दिया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सहायक अध्यापकों के लिए विभागीय स्तर पर आयोजित आकलन परीक्षा को टेट के बराबर दर्जा देने पर निर्णय लिया जायेगा.
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  • - मंत्री सुदिव्य कुमार, इरफान अंसारी व सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के बीच वार्ता सफल.

Ranchi: झारखंड के 40 हजार से अधिक सहायक शिक्षकों के भविष्य को लेकर बुधवार को एक वार्ता हुई. वार्ता में सरकार ने यह आश्वासन दिया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सहायक अध्यापकों के लिए विभागीय स्तर पर आयोजित आकलन परीक्षा को टेट के बराबर दर्जा देने पर निर्णय लिया जायेगा. यह वार्ता झारखंड राज्य आकलन प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा और सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और मंत्री इरफान अंसारी के बीच हुई. वार्ता में शिक्षा विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह भी मौजूद थे. 


मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पर चली करीब एक घंटे की वार्ता के दौरान यह तय किया गया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के चार दिन के बाद प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच बैठक होगी. अगर फैसला शिक्षकों के पक्ष में आता है, तो सरकार आकलन परीक्षा को टेट के बराबर दर्जा देगी. अगर फैसला इसके विपरित आता है, तो साल में दो बार विभागीय स्तर पर टेट परीक्षा का आयोजन किया जायेगा. इससे सहायक शिक्षकों को लाभ मिलेगा.


मंत्रियों ने संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि किसी भी सहायक शिक्षक की नौकरी खत्म नहीं होगी. इस दौरान सहायक अध्यापकों की सेवानिवृत्ति उम्र 62 साल करने और 967 बर्खास्त सहायक अध्यापकों को सेवा में लाने पर भी चर्चा हुई. 


वार्ता बैठक में स्कूली शिक्षा को साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने प्रतिनिधियों से कहा कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा एक सितंबर 2025 को आदेश दिया गया है कि तमाम नॉन टेट शिक्षकों को 2 साल के अंदर टेट परीक्षा पास करनी होगी. 

 

28 अप्रैल को इसपर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है. जजमेंट रिजर्व रखा गया है, जजमेंट आने के बाद ही इस पर निर्णय लिया जा सकेगा. सचिव ने कहा कि बिहार में दक्षता को टेट के समान मान्यता सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट आने के 10 वर्ष पूर्व का निर्णय है.

 

बैठक में नगर विकास मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू ने कहा कि किसी भी सहायक अध्यापकों की नौकरी नहीं जायेगी यह मुख्यमंत्री जी का वादा है. 967 बर्खास्त सहायक अध्यापकों के मामले पर सरकार की तरफ से बताया गया कि एक सप्ताह बाद सभी दस्तावेज के साथ उन्हें बुलाया जायेगा.


वार्ता में ऋषिकांत तिवारी, दिलसाद अहमद, विकास कुमार चौधरी, सुमन कुमार, बबलू सिंह, बसंत कुमार, साहिबगंज जिला अध्यक्ष अशोक कुमार शाह, खूंटी जिला अध्यक्ष संजय कुमार पाठक,  देवघर जिला अध्यक्ष किशोर यादव, चतरा जिला अध्यक्ष उदय सिंह, अभय सिंह, कुमुद् सिंह, विकास त्रिवेदी, राजेंद्र महतो, रामदेव यादव, राजीव नयन मिश्रा,  नरेंद्र कुमार गुड्डू, खुर्शीद जमाल, मुख्तार अंसारी, बैजनाथ महतो समेत कई लोग मौजूद थे.

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