Ranchi : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान को किडनी प्रत्यारोपण के लिए सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है. हालांकि औपचारिक लाइसेंस मिलना अभी शेष है, लेकिन इसके बावजूद रिम्स प्रबंधन ने किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू करने की दिशा में नियोजन और तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं.
इसी क्रम में निदेशक प्रो. डॉ. राजकुमार की अध्यक्षता में एक प्रारंभिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया.
बैठक में चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. हीरेन्द्र बिरुआ, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनोज कुमार, यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अरशद जमाल, पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अंशु जमवार, सेंट्रल लैब इंचार्ज डॉ. अनूपा प्रसाद, सर्जरी विभाग के डॉ. अजय कुमार तथा सोटो झारखंड के नोडल पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन उपस्थित रहे.
बैठक में समर्पित किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट के लिए क्षेत्र चिह्नित करने पर सहमति बनी, जिसमें ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और डायलिसिस की सुविधा शामिल होगी.
ट्रांसप्लांट यूनिट के लिए चिकित्सकों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की अलग टीम गठित करने का निर्णय लिया गया. आवश्यक उपकरणों की खरीद प्रक्रिया तेज करने तथा शेष उपकरणों की शीघ्र खरीद सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई.
प्रारंभिक चरण में कुछ किडनी ट्रांसप्लांट के लिए बाहरी विशेषज्ञों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया है. साथ ही आवश्यक जांचों, दवाओं और इम्यूनोसप्रेसेंट्स की सूची तैयार कर समयबद्ध खरीद पर जोर दिया गया.
रिम्स प्रबंधन ने कहा कि किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू होने से झारखंड और आसपास के राज्यों के मरीजों को राज्य में ही उन्नत इलाज उपलब्ध होगा और उन्हें बाहर नहीं जाना पड़ेगा. संस्थान इस सेवा को शीघ्र प्रारंभ करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है.
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