Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंत्री दीपक बिरुआ ने कार्मिक, प्रशासनिक सुधार, राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार तथा परिवहन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी. मंत्री ने कहा कि सरकार 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसके लिए विधानसभा से पारित झारखंड स्थानीय व्यक्तियों की परिभाषा विधेयक 2022 को नौवीं अनुसूची में शामिल करने का आग्रह केंद्र सरकार से किया गया है.
उन्होंने बताया कि राज्य में सेवाओं और पदों पर आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 77 प्रतिशत करने का प्रावधान किया गया है. इसमें अनुसूचित जनजाति को 28 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 12 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग को 15 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग को 12 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है. ट्रांसजेंडर समुदाय को भी ओबीसी सूची में शामिल किया गया है. सभी वर्गों की महिलाओं के लिए 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया गया है.
दीपक बिरुआ ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में नियुक्तियों में तेजी आई है. वर्ष 2020 से 2025 के बीच जेएसएससी के माध्यम से 34 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हुई हैं, जबकि जेपीएससी के माध्यम से 3 हजार से अधिक पदों पर बहाली की गई है.
भूमि प्रबंधन को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार नई नीतियां और डिजिटल व्यवस्था लागू कर रही है. दाखिल-खारिज प्रक्रिया में सुधार के लिए सोमोटो सिस्टम और परिशोधन पोर्टल लागू किया गया है. पुराने खतियानों को समझने के लिए कैथी लिपि की पाठ्य पुस्तिका भी प्रकाशित की गई है.
परिवहन विभाग में 40 नए मोटर निरीक्षकों की नियुक्ति की गई है. सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती इलाकों में चेक पोस्ट बनाने की योजना है. रांची में चिल्ड्रेन ट्रैफिक पार्क का निर्माण भी किया गया है, जिसका उद्घाटन जल्द होगा.
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