Amit Kumar
Nowamundi: बड़ाजामदा में लॉज संचालक सह स्क्रैप कारोबारी दिवाकर उर्फ दीपू सिंह की गिरफ्तारी के बाद बड़ाजामदा में कथित स्क्रैप चोरी, लौह अयस्क के अवैध कारोबार और संपत्तियों से जुड़े पुराने आरोप एक बार फिर चर्चा में हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि छोटे स्तर के कारोबार से शुरुआत करने वाला दीपू सिंह समय के साथ स्क्रैप और खनिज कारोबार में प्रभावशाली बन गया.
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हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दीपू सिंह ने झारखंड और ओड़िशा के विभिन्न क्षेत्रों में स्क्रैप कारोबार का नेटवर्क खड़ा किया. उस पर चोरी के स्क्रैप की खरीद, परिवहन और खपत से जुड़े गंभीर आरोप लगाए जाते रहे हैं.
पुराने भारी वाहनों के चेचिस और रजिस्ट्रेशन नंबर में कथित हेरफेर तथा टॉरियन प्लॉट में बड़े स्क्रैप यार्ड के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. इसके अलावा, बड़ाजामदा और जमशेदपुर समेत कई स्थानों पर जमीन, मकान और फ्लैट होने के दावे सामने आए हैं. स्थानीय लोगों ने संपत्तियों के स्रोत और आय के अनुरूप उनकी खरीद की जांच की मांग की है.
शिव शक्ति ट्रेडर्स की जमीन को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं. मामले में नाबालिग से जुड़े गंभीर आरोप और विरोध करने वालों पर हमले की बात भी सामने आई है. रविवार को बड़ी संख्या में लोग थाना पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की.
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर झारखंड बंद की चेतावनी दी. प्रशासन ने दीपू सिंह की दुकान, लॉज और अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों को सील किया है. अब लोगों की मांग है कि पूरे कथित नेटवर्क, संपत्तियों, वाहनों और वित्तीय लेनदेन की निष्पक्ष जांच हो तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.
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