राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष के कुछ सदस्य पूछ रहे हैं कि हमारे कितने विमान मार गिराये गये? मुझे लगता है कि उनका सवाल हमारी राष्ट्रीय भावनाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं करता है. उन्होंने हमसे यह नहीं पूछा है कि हमारे सशस्त्र बलों ने कितने दुश्मन विमानों को मार गिराया.
अगर उन्हें कोई सवाल पूछना ही है, तो यह होना चाहिए कि क्या भारत ने आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया, और इसका जवाब है, हां. अगर आपको कोई सवाल पूछना है, तो यह होना चाहिए कि क्या ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा. इसका जवाब है, हां. अगर आपको यह सवाल पूछना है: तो जवाब है, नहीं, हमारे किसी भी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा.
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन में अपने सभी तय टारगेट्स सफलतापूर्वक हिट किया. राजनाथ सिंह ने साफ कहा कि आज भारत डोजियर नहीं भेजता बल्कि सख्त कार्रवाई करता है, आज भारत आतंक की जड़ तक जाता है और उसे उखाड़ फेंकने की ताकत रखता है, हमारी नीति भगवान राम और भगवान कृष्ण से प्रेरित है, जो हमें शौर्य और धैर्य, दोनों सिखाती है.
राजनाथ सिंह ने शठे शाठ्यं समाचरेत्' (दुष्ट से उसके अपने तरीके से निपटो). हमने भगवान कृष्ण से सीखा है कि अंत में, धर्म'की रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र उठाना ही पड़ता है. हमने 2006 के संसद हमले, 2008 के मुंबई हमले देखे. अब हमने कह दिया है कि बस, बहुत हो गया, और सुदर्शन चक्र उठा लिया.
बता दें कि राहुल गांधी और विपक्ष लगातार यह सवाल पूछते रहे हैं कि इस ऑपरेशन में भारत के कितने फाइटर जेट्स को नुकसान पहुंचा है. राहुल गांधी ने पहले भी भारतीय वायु सेना को कथित नुकसान को लेकर लगातार सवाल उठाये हैं.
जब 10 जून को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में एक सेमिनार के में भारत के डिफेंस अटैचे इंडियन नेवी के कैप्टन शिव कुमार ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायु सेना ने कुछ एयरक्राफ्ट खोये थे. इसे लेकर राहुल गांधी ने मोदी सरकार से पूछते रहे हैं कि भारत ने कितने विमान खोये.
कैप्टन शिव कुमार के बयान को लेकर विवाद होने पर भारतीय दूतावास ने कहा था कि उनकी बात को गलत संदर्भ में पेश किया गया है. गलत तरीके से रिपोर्टिंग की गयी. इसके अलावा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने शांगरी-ला डायलॉग के दौरान दिये गये एक इंटरव्यू में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के उस दावे को खारिज किया था,
जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तानी सेना ने भारत के छह फाइटर जेट्स (जिनमें चार राफेल शामिल हैं) गिराये है.
जनरल चौहान ने पाकिस्तान के दावे को गलत करार दिया.हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि असल मुद्दा यह नहीं है कि कितने जेट गिरे, बल्कि यह है कि वे गिरे क्यों? कहां गलती हुई, और हम उससे क्या सीख सकते हैं, यह ज्यादा महत्वपूर्ण है.
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