Ranchi : झारखंड कांग्रेस ने मंगलवार को संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल का जो फॉर्मूला बनाया, उसका असर कुछ ही घंटों में जमीन पर भी दिख गया. दिन में मंत्रियों की बैठक में एक सुर में बोलने की रणनीति बनी और शाम होते-होते राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में वही एकजुटता लोक भवन के बाहर नजर आई.
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू की मौजूदगी में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि अब पार्टी के मंत्री और वरिष्ठ नेता किसी भी बड़े मुद्दे पर सार्वजनिक बयान देने से पहले आपस में चर्चा करेंगे. हर 15 दिन में मंत्रियों की बैठक होगी और पार्टी की तय लाइन के अनुसार ही सभी अपनी बात रखेंगे. अलग-अलग बयानों से बचने के लिए मंत्रियों का एक फोरम भी बनाया जाएगा.
बैठक में अगले दो महीने के भीतर सभी मंत्रियों के जिला दौरे, प्रमंडल स्तर पर अभियान और जनता से सीधे संवाद की रणनीति पर भी सहमति बनी.
बैठक खत्म होने के कुछ घंटे बाद ही दिल्ली में राहुल गांधी को पुलिस हिरासत में लिए जाने और चोट लगने की खबर आई. इसके विरोध में रांची में कांग्रेस के. राजू के नेतृत्व में मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता लोक भवन के पास एक साथ जुट गए. सभी नेताओं ने एक जैसी राजनीतिक लाइन पर बयान दिए और विरोध प्रदर्शन किया.
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई मंत्रियों, विधायकों और कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर कोतवाली थाना भेज दिया. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है और छात्रों व युवाओं के मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश हो रही है.
राजनीतिक तौर पर देखें तो कांग्रेस के नए फॉर्मूले की पहली परीक्षा उसी दिन हो गई. सुबह बैठक में जिस एक सुर की बात हुई थी, शाम तक वह सड़क पर भी दिखाई दी. पार्टी ने इसके जरिए संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल का संदेश देने की कोशिश की.
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