Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

झारखंड के लिए 5000 करोड़, रांची में AIIMS, मेडिकल सीटें और विशेष पैकेज की मांग

Ranchi: स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के साथ हुई बैठक में उन्होंने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई अहम मांगें रखीं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से झारखंड के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं करने का आग्रह किया गया है.

 

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार एशियन डेवलपमेंट बैंक से कर्ज लेकर एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की योजना पर काम कर रही है. इसके लिए केंद्र सरकार से 5000 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मांगी गई है.

 

इरफान अंसारी ने कहा कि देवघर AIIMS रांची से काफी दूर है. इसलिए राजधानी रांची में भी नया AIIMS खोले जाने की मांग की गई है. उन्होंने बताया कि झारखंड में आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोलने के प्रस्ताव पर केंद्र ने सकारात्मक रुख दिखाया है और अधिकारियों को आगे की कार्रवाई का निर्देश दिया गया है.

 

उन्होंने कहा कि धनबाद और जमशेदपुर मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीटों को 200 और PG सीटों को 250 तक बढ़ाने के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाओं के विकास की मंजूरी मिली है. इसके लिए करीब 800 से 1600 करोड़ रुपये तक की राशि स्वीकृत हुई है.

 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नवजात और शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए केंद्र से 400 छोटी ममता एंबुलेंस देने की मांग की गई है. साथ ही 108 एंबुलेंस सेवा के लिए अतिरिक्त फंड और सहिया बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी का भी प्रस्ताव रखा गया है.

 

उन्होंने बताया कि झारखंड में मलेरिया, फाइलेरिया, सिकल सेल एनीमिया, अस्थमा और टीबी जैसी बीमारियों से निपटने के लिए विशेष पैकेज की मांग की गई है. इसके अलावा पोर्टेबल एक्स-रे, एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया गया है.

 

इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार गरीब और प्रतिभाशाली छात्रों को मुफ्त में NEET की तैयारी कराने की योजना पर काम कर रही है. इसके लिए छात्रों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है.

 

उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम को देखते हुए मलेरिया और हैजा की रोकथाम के लिए सभी जिलों के उपायुक्तों और सिविल सर्जनों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. सिंहभूम क्षेत्र में बच्चों की मौत की घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है.

 

स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से सर्पदंश के मामलों में अंधविश्वास से दूर रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि सांप काटने पर झाड़-फूंक में समय बर्बाद करने के बजाय मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए. उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों और अस्पतालों में एंटी-वेनम दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जिससे समय पर इलाज मिलने पर मरीज की जान बचाई जा सकती है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही