Ranchi : संगठनात्मक मजबूती और जनसंघर्षों को तेज करने का जोरदार आह्वान किया गया. आज लुगू बुरु घंटाबाड़ी धोरोम गढ़, ललपनिया में आयोजित हुई. इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सांप्रदायिक और सांस्कृतिक हमलों के खिलाफ झारखंडियत के मूल मूल्यों को और सशक्त करना समय की मांग है.
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई. संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ पढ़ा गया. वक्ताओं ने अंबेडकर के संघर्षों को याद किया. हक अधिकारों की लड़ाई केवल नारों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस पहल से ही मजबूत होगी.
सम्मेलन में संगठन को मजबूत करने की बात कही गई. हेमंत सरकार से चुनावी वादों पर त्वरित कार्रवाई की मांग को लेकर 10 प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी. इनमें भूमि अधिग्रहण संशोधन कानून 2017 और लैंड बैंक नीति को रद्द करना, विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग का गठन, पेसा कानून का पूर्ण क्रियान्वयन, वन अधिकार दावों पर बिना कटौती पट्टा, भूमिहीन दलितों को जमीन व प्रमाण पत्र, स्थानीयता नीति लागू करना और मॉब लिंचिंग के खिलाफ सख्त कानून बनाना शामिल है.
इसके अलावा आंगनबाड़ी और मध्याह्न भोजन में अंडे कीसुनिश्चितता, सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी तथा विचाराधीन कैदियों की रिहाई और फर्जी मामलों की वापसी की भी मांग उठी. सम्मेलन में रमेश जेराई, जेम्स हेरेंज, अफजल अनीस, एलिना होरो समेत कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे.
वक्ताओं ने जल, जंगल, जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक एकजुटता पर जोर दिया. इसके साथ ही पूंजीपतियों की लूट और आदिवासी-मूलवासी समुदायों के शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करने की बात कही.
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