Ranchi News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में पारदर्शिता, नियमित भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. छात्र प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलन स्थगित कराने के दौरान वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में रिफॉर्म कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन करीब दो महीने बीतने के बाद भी कमेटी का गठन नहीं हुआ है.
छात्र प्रतिनिधि हर्षित सिंह और खूंटी की अभ्यर्थी निषाद प्रवीण ने कहा कि जेपीएससी अध्यक्ष के 22 जुलाई को इस्तीफा देने के बाद से अध्यक्ष और बोर्ड सदस्यों के कई पद खाली हैं. छात्रों के अनुसार, इसके कारण भर्ती प्रक्रिया, साक्षात्कार और परीक्षा कैलेंडर प्रभावित हो रहे हैं.
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छात्रों ने कहा कि पिछले दिनों विभिन्न परीक्षाओं में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद 22 से अधिक परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी हैं. उन्होंने नियमित भर्ती प्रक्रिया नहीं होने का मुद्दा भी उठाया. छात्रों के मुताबिक, दरोगा भर्ती का अंतिम विज्ञापन 2017 में आया था और 2018 में नियुक्ति हुई थी. इसके बाद लंबे समय से नई रिक्तियां जारी नहीं हुई हैं. वहीं LDC भर्ती के लिए 2020 में आवेदन लेने के बाद विज्ञापन वापस ले लिया गया था.
छात्रों की प्रमुख मांगें
अमिताभ कौशल के नेतृत्व में रिफॉर्म कमेटी का तत्काल गठन किया जाए.
JPSC अध्यक्ष और बोर्ड सदस्यों के रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति की जाए.
UPSC की तर्ज पर वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए.
प्रीलिम्स में ई-ऑप्शन और नेगेटिव मार्किंग लागू की जाए.
BPSC की तर्ज पर श्रेणीवार कटऑफ और मार्कशीट जारी की जाए.
प्रीलिम्स रिजल्ट के बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए कम से कम 90 दिन का समय दिया जाए.
मुख्य परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की जगह शॉर्ट आंसर आधारित प्रश्न शामिल किए जाएं.
परीक्षा में झारखंड से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी जाए.
क्षेत्रीय भाषाओं के मूल्यांकन में स्केलिंग पैटर्न लागू किया जाए.
उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गोपनीयता सुनिश्चित की जाए.
छात्रों ने UPPSC की तर्ज पर प्रीमियम सर्विसेज लागू करने की मांग की.
इंटरव्यू तक पहुंचने लेकिन अंतिम मेरिट में जगह नहीं बना पाने वाले अभ्यर्थियों को अन्य सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने की मांग की गई.
छात्रों से जुड़े मामलों में अदालत में सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी की जाए.
7 अक्टूबर के बाद महाजुटान की चेतावनी
छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि 7 अक्टूबर तक रिफॉर्म कमेटी का गठन और JPSC अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति नहीं की जाती है, तो इसके बाद पूरे झारखंड से छात्रों का विशाल 'छात्र महाजुटान' आयोजित किया जाएगा. छात्रों का कहना है कि इसका उद्देश्य सरकार का ध्यान भर्ती प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना होगा.
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