Ranchi News : रांची विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की तत्काल बहाली की मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने पिछले सात वर्षों से छात्र संघ चुनाव नहीं होने पर नाराजगी जताई. उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से चुनाव जल्द कराने और चुनाव शुल्क का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की.
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आइसा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव नहीं होने के बावजूद विद्यार्थियों से हर साल यूनियन इलेक्शन फीस के नाम पर 100 से 150 रुपये लिए जा रहे हैं. संगठन के मुताबिक, विश्वविद्यालय में करीब 1.5 लाख विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर हर साल लगभग दो करोड़ रुपये चुनाव शुल्क के रूप में जमा होते हैं. पिछले सात वर्षों में यह राशि 14 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है. इसके बावजूद इस राशि के इस्तेमाल का कोई स्पष्ट हिसाब छात्रों को नहीं दिया गया है.
छात्र नेताओं ने कहा कि निर्वाचित छात्र प्रतिनिधि नहीं होने से विद्यार्थियों की समस्याएं विश्वविद्यालय प्रशासन तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पाती हैं. सत्र में देरी और परीक्षा परिणाम समय पर जारी नहीं होने जैसी समस्याओं को लेकर भी छात्रों को परेशानी उठानी पड़ती है.
आइसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि छात्र संघ चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. छात्रों को अपनी समस्याओं और मांगों को रखने के लिए निर्वाचित प्रतिनिधि मिलने चाहिए. उन्होंने कहा कि झारखंड के विनोबा भावे विश्वविद्यालय, नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय, सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय और बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय में भी 2019 के बाद से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं.
उन्होंने कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय और बीएचयू जैसे संस्थानों में छात्र राजनीति और लोकतांत्रिक भागीदारी की परंपरा रही है. रांची विश्वविद्यालय में भी छात्र संघ चुनाव की बहाली होने तक आइसा का आंदोलन जारी रहेगा.
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