Ranchi : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में स्नातक (FYUGP) सत्र 2026 की नामांकन प्रक्रिया के बीच आदिवासी छात्र संघ ने विश्वविद्यालय के एसटी/एससी सेल के अध्यक्ष प्रो. जिंदर सिंह मुंडा को ज्ञापन सौंपकर 10 प्रतिशत इंटर-फैकल्टी एडमिशन और एसटी-एससी आरक्षण रोस्टर का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है.
1 अगस्त 2026 को सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने कहा है कि एसटी/एससी सेल की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि विश्वविद्यालय में आरक्षित वर्ग के छात्रों के अधिकारों का हनन न हो. संगठन का आरोप है कि कई विभागों में इंटर-फैकल्टी एडमिशन के नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है.
ज्ञापन में कहा गया है कि विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार प्रत्येक विभाग में 10 प्रतिशत सीटें दूसरे संकाय (इंटर-फैकल्टी) के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित होती हैं. उदाहरण के तौर पर, यदि कोई कला संकाय का छात्र विज्ञान या वाणिज्य संकाय में प्रवेश लेना चाहता है, या इसके विपरीत, तो उसे निर्धारित नियमों के तहत अवसर मिलना चाहिए.
संगठन ने मांग की है कि सभी विभागों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक विभाग में 10 प्रतिशत इंटर-फैकल्टी कोटे के तहत प्रवेश नियमों के अनुसार हो.इसके अलावा आदिवासी छात्र संघ ने एसटी और एससी वर्ग के लिए निर्धारित संवैधानिक आरक्षण रोस्टर का पूरी तरह पालन कराने की भी मांग की है. संगठन का कहना है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान किसी भी विभाग में आरक्षण रोस्टर की अनदेखी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए, ताकि आरक्षित वर्ग के किसी भी छात्र के अधिकारों का हनन न हो.
संघ ने एसटी/एससी सेल के अध्यक्ष से आग्रह किया है कि वे स्वयं इस मामले का संज्ञान लें, सभी विभागाध्यक्षों (HODs) से रिपोर्ट मांगकर जांच कराएं और जल्द से जल्द 10 प्रतिशत इंटर-फैकल्टी एडमिशन तथा आरक्षण रोस्टर का सही तरीके से पालन सुनिश्चित कराएं.
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