Ranchi News: बीएड पाठ्यक्रम में कंप्यूटर साइंस को स्वतंत्र पेडागोजी यानी मेथड विषय के रूप में शामिल करने की मांग उठी है. इसे लेकर झारखंड छात्र अधिकार मोर्चा के नेतृत्व में विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राजकीय शिक्षक प्रशिक्षक महाविद्यालय (जीटीटीसी), कांके के प्राचार्य डॉ. रमन कुमार झा को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन रांची विश्वविद्यालय के अध्यक्ष छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) के नाम दिया गया है.
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मोर्चा के महासचिव राकेश रौशन ने कहा कि जीटीटीसी कांके में बीएससी सीए, बीसीए, बीएससी आईटी और एमसीए जैसी आईटी पृष्ठभूमि से आने वाले कई विद्यार्थी बीएड का प्रशिक्षण ले रहे हैं. लेकिन रांची विश्वविद्यालय के बीएड पाठ्यक्रम में कंप्यूटर साइंस को मेथड पेपर के रूप में चुनने का विकल्प नहीं है. इस कारण विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि से अलग गणित या अन्य विषयों का चयन करना पड़ता है.
छात्र नेताओं ने कहा कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग, कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा और रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत रांची विमेंस कॉलेज में बीएड के तहत कंप्यूटर साइंस को मेथड विषय के रूप में पढ़ाए जाने का उदाहरण मौजूद है. ऐसे में रांची विश्वविद्यालय के अन्य संबंधित संस्थानों में भी यह विकल्प उपलब्ध कराया जाना चाहिए.
मोर्चा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत डिजिटल शिक्षा का महत्व बढ़ रहा है. केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस), नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) और राज्य स्तरीय शिक्षक नियुक्तियों में भी कंप्यूटर शिक्षा की जरूरत महत्वपूर्ण है. ऐसे में बीएड पाठ्यक्रम में कंप्यूटर साइंस को शामिल करने से आईटी पृष्ठभूमि वाले प्रशिक्षुओं को लाभ मिलेगा.
प्राचार्य डॉ. रमन कुमार झा ने विद्यार्थियों की मांग पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया. उन्होंने ज्ञापन को रांची विश्वविद्यालय प्रशासन के पास अग्रसारित करने की बात कही.
ज्ञापन सौंपने के दौरान मार्विन टोप्पो, अमन कुमार पांडेय, अनुज कुमार, अर्पण उरांव, आशीष कुजूर, विश्वजीत कुमार, आर्यन कुमार, समीर इग्नाटियस लकड़ा, अतसोम मुंडा, अमित रंजन और प्रिंस गुप्ता उपस्थित थे.
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