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देवघर: शब्दवीणा के राष्ट्रीय मंच पर डॉ परशुराम तिवारी की पुस्तक का भव्य लोकार्पण

अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर देवघर स्थित अटल लैंग्वेज लैब, मधुश्री भवन, बंपास टाउन में राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दवीणा के तत्वावधान में पुस्तक लोकार्पण समारोह और काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया.
 

Deoghar : अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर देवघर स्थित अटल लैंग्वेज लैब, मधुश्री भवन, बंपास टाउन में राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दवीणा के तत्वावधान में पुस्तक लोकार्पण समारोह और काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया. 

 

इस अवसर पर शब्दवीणा देवघर जिला समिति के सचिव तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जसीडीह के संकाय सदस्य डॉ परशुराम तिवारी भार्गव द्वारा रचित पुस्तक भार्गव चर्ब जबान मंजरी का लोकार्पण किया गया. आयोजन साहित्यिक चेतना, विचार और रचनात्मक संवाद का प्रभावी मंच सिद्ध हुआ.

 

पुस्तक लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता शब्दवीणा के राष्ट्रीय परामर्शदाता और झारखंड प्रदेश संरक्षक, वरिष्ठ पत्रकार तथा देवघर कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर रामनंदन सिंह ने की.

 

मुख्य अतिथि के रूप में मदन मोहन मालयीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भाटपाररानी, देवरिया के हिंदी विभाग के संकाय सदस्य डॉ पवन कुमार राय उपस्थित रहे. उन्होंने पुस्तक पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय की सामाजिक प्रवृत्तियों को समझने के लिए यह कृति प्रासंगिक और पठनीय है.

 

विशिष्ट अतिथि के रूप में तिलक सेवा समिति देवघर के केंद्रीय अध्यक्ष हरेकृष्ण राय और हार्द पीठ वैद्यनाथ फाउंडेशन देवघर के अध्यक्ष डॉ नरेंद्र नाथ ठाकुर उपस्थित रहे. सारस्वत अतिथि के रूप में शब्दवीणा देवघर जिला समिति के संरक्षक और लेखक अनिल कुमार झा की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की.

 

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण, मंगलाचरण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ. इसके पश्चात अटल बिहारी वाजपेयी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उनके प्रेरक जीवन और कवि व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया.

 

मंच संचालन एडवोकेट विपुल कुमार मिश्र ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन शब्दवीणा देवघर जिला समिति के अध्यक्ष और अटल लैंग्वेज लैब के संस्थापक डॉ विजय शंकर ने प्रस्तुत किया.

 

शब्दवीणा की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रश्मि प्रियदर्शनी ने पुस्तक के प्रकाशन और लोकार्पण पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं. डॉ रश्मि प्रियदर्शनी ने बताया कि यह पुस्तक व्यंग्यात्मक शैली में रचित मुक्तकों का संग्रह है, जिसमें समाज में व्याप्त चापलूसी और अवसरवादिता पर तीखा प्रहार किया गया है.

 

शब्दवीणा झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष अरुण कुमार यादव, देवघर जिला समिति की उपाध्यक्ष डॉ इति कुमारी, संगठन मंत्री सोनाली भारती, साहित्य मंत्री सोनम झा, प्रचार मंत्री धीरेंद्र छतहारवाला सहित शब्दवीणा परिवार के सदस्यों ने लेखक को बधाई दी.

 

पुस्तक लोकार्पण के बाद आयोजित शब्दवीणा काव्यांजलि सत्र में उपस्थित साहित्यकारों ने मुक्तक, दोहे, गजल, गीत और छंदों का सशक्त पाठ किया. कार्यक्रम का सीधा प्रसारण शब्दवीणा के केंद्रीय पेज से किया गया, जिससे देश के विभिन्न प्रदेशों के साहित्यप्रेमी जुड़े और काव्य पाठ का आनंद लिया.

 

आयोजन को सफल बनाने में विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों, साहित्यकारों और शिक्षकों की सक्रिय भूमिका रही. समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय के कृतित्व और व्यक्तित्व पर विचार रखे.

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