Deoghar : देवघर जिले के पालोजोरी प्रखंड मुख्यालय से सटे बदियामोड़ स्थित हटिया शेड वर्षों से बेकार पड़ा है. इससे योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं. प्रखंड मुख्यालय से करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस हटिया शेड का निर्माण वर्ष 2010-11 में किया गया था. इस पर 5,62,560 रुपये की लागत आई थी.
जानकारी के अनुसार, इस योजना के अभिकर्ता पंचायत सेवक महेंद्र कुमार सिन्हा थे. इस योजना को कागजों पर 27 सितंबर 2010 को ही पूर्ण दिखा दिया गया. हैरानी की बाद है कि आज तक इस हटिया शेड में एक भी दिन बाजार नहीं लगा.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सरकारी धन का दुरुपयोग और कार्य की गुणवत्ता के साथ समझौता का स्पष्ट उदाहरण है. हटिया शेड बनने के लगभग 15 वर्ष बीत जाने के बाद भी किसी भी अधिकारी ने इसकी सही ढंग से जांच नहीं की. मामला फाइलों तक ही सीमित रह गया. ग्रामीणों का कहना है कि जिस उद्देश्य से हटिया शेड का निर्माण कराया गया था, वह पूरी तरह विफल साबित हुआ है. लोग खुले मैदान (गोचर जमीन) में हाट लगाने को मजबूर हैं.
उन्होंने बताया कि हटिया शेड के आसपास गंदगी का अंबार लगा है. बदियामोड़ की दर्जनों दुकानों का कचरा उक्त गोचर भूमि में जमा किया जा रहा है. समाजसेवी दिलीप कुमार गोस्वामी ने बताया कि उक्त हटिया शेड सारठ-पालोजोरी मुख्य मार्ग से कुछ दूरी पर स्थित है. वहां पहुंचने में लोगों को परेशानी होती है. उन्होंने प्रशासन से इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की.
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