Deoghar News : देशभर में शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी की धूम है. मंदिरों में कान्हा के बाल रूप की पूजा-अर्चना हो रही है. भक्त भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन हैं. ऐसे में बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर भला कृष्ण जन्मोत्सव से कैसे अछूती रह सकती है.
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देवघर की धार्मिक धरती पर जन्माष्टमी का पर्व हर वर्ष पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. लेकिन शहर के रोहिणी स्थित कृष्ण मंदिर में इस पर्व का नजारा कुछ अलग ही होता है. इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहां निभाई जा रही अनोखी परंपरा है, जो पिछले करीब छह दशकों से लगातार जारी है.
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मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण और माता राधा की अष्टधातु की प्रतिमा स्थापित है. श्रद्धालु प्रतिदिन भगवान राधा-कृष्ण को झूला झुलाते हैं. मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा से राधा-कृष्ण को झूला झुलाने वाले भक्तों की मनोकामना पूरी होती है. मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की भी पूजा होती है. प्रतिदिन विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण, माता राधा और लड्डू गोपाल का पूजन किया जाता है.
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