- खनन प्रभावित क्षेत्र के बच्चों को मिलेगा एआई व साइबर सुरक्षा का प्रशिक्षण
- करौं, सारठ व पालोजोरी प्रखंड में विकास के कई प्रस्ताव स्वीकृत
Deoghar : देवघर डीसी सौरभ कुमार भुवानिया ने सोमवार को समाहरणालय में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट न्यास परिषद (डीएमएफटी) की समीक्षा बैठक की. बैठक में दुमका सांसद नलिन सोरेन व देवघर विधायक सुरेश पासवान विशेष रूप से मौजूद थे. बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से तय समय सीमा के भीतर पूरा करें.
बैठक में करौं, सारठ व पालोजोरी प्रखंडों के समेकित विकास से जुड़ी कई योजनाओं को स्वीकृति दी गई. तीनों प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नवजात शिशुओं के लिए कंगारू मदर केयर यूनिट स्थापित करने की भी मंजूरी दी गई. साथ ही खनन प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से साइबर सुरक्षा व कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रशिक्षण के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई.
डीसी ने कहा कि जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के तहत चयनित सभी योजनाएं पारदर्शिता के साथ तय की जानी चाहिए, ताकि खनन प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप विकास कार्य किए जा सकें. डीएमएफटी की राशि को उच्च प्राथमिकता और अन्य प्राथमिकता वाले दो भागों में विभाजित कर खर्च करें.
उन्होंने पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और महिला शिक्षा जैसे क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया. साथ ही ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से योजनाओं का चयन करने का निर्देश दिया, ताकि विकास योजनाओं का लाभ सीधे प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच सके. खनन प्रभावित पंचायतों और गांवों की सूची तैयार करने के लिए व्यापक सर्वे कराने का निर्णय लिया गया.
बैठक में डीडीसी पीयूष सिन्हा, डीएफओ अभिषेक भूषण, जिला योजना पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, मुख्यालय डीएसपी, पेयजल विभाग के कार्यपालक अभियंता, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, डीएमएफटी की टीम व विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.
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