- -100 करोड़ से अधिक खर्च, अधूरी पाइपलाइन और बंद पड़े टंकी निर्माण ने बढ़ाई परेशानी
Deoghar: मधुपुर शहर की शहरी जलापूर्ति योजना वर्षों बाद भी पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर पाई है. करोड़ों खर्च के बावजूद शहरवासियों को आज भी नियमित पेयजल सुविधा नहीं मिल पा रही है. कई इलाकों में पाइपलाइन अधूरी पड़ी है, तो कहीं पानी सप्लाई के नाम पर केवल आश्वासन ही मिल रहा है.
भीषण गर्मी के बीच लोग सुबह से लेकर देर रात तक पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. मोहल्लों में महिलाएं और बच्चे पानी के लिए भटकते नजर आते हैं. योजना की शुरुआत लोगों को राहत देने के उद्देश्य से हुई थी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं.
बताया जाता है कि योजना की प्रारंभिक लागत करीब 64 करोड़ रुपये थी, जो बाद में बढ़कर 100 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई. बावजूद इसके कई जगहों पर पाइपलाइन अधूरी है और जलमीनार निर्माण कार्य भी लटका हुआ है. शहर के 23 वार्डों में आज तक पूरी तरह पानी की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो सकी है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि योजना के नाम पर बार-बार खुदाई कर सड़कों को खराब किया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकला. कई इलाकों में पाइप डालने के बाद सड़क मरम्मत तक नहीं की गई, जिससे लोगों को आवागमन में भी भारी परेशानी हो रही है.
शहरवासियों का आरोप है कि हर साल गर्मी आते ही पानी की समस्या विकराल रूप ले लेती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग केवल दावे और वादों तक सीमित रह जाता है. लोगों का कहना है कि अगर जल्द योजना को पूरा कर नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment