Deoghar : एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. दुमका एसीबी की टीम ने देवघर के भू-अर्जन कार्यालय में पदस्थापित प्रधान लिपिक के सहयोगी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. वहीं प्रधान लिपिक के सरकारी आवास से 3.19 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं.
मुआवजे की राशि दिलाने के बदले मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, देवघर जिले के कुंडा थाना क्षेत्र के गोपीपुर निवासी ब्रह्मदेव यादव (65) ने एसीबी से लिखित शिकायत की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि बाइपास रोड निर्माण के लिए अधिग्रहित उनकी जमीन के मुआवजे की राशि दिलाने के बदले जिला भू-अर्जन कार्यालय के प्रधान लिपिक निरंजन कुमार 5 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे हैं.
एसीबी द्वारा शिकायत की सत्यापन प्रक्रिया में आरोप सही पाए गए. जांच में सामने आया कि प्रधान लिपिक निरंजन कुमार ने मुआवजे की राशि दिलाने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी. इसके बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया.
टीम ने प्रधान लिपिक के कहने पर आवेदक से 10 हजार रूपये रिश्वत ले रहे उनके सहयोगी उमेश प्रसाद यादव (59) को कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया. उमेश प्रसाद यादव जसीडीह थाना क्षेत्र के टोर बछियारी गांव के निवासी बताए जाते हैं और वे प्रधान लिपिक के अनुचर के रूप में कार्य करते थे.
प्रधान लिपिक के आवास से नकद बरामद
गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम ने प्रधान लिपिक निरंजन कुमार (52) के देवघर स्थित सरकारी आवास पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान उनके घर से 3 लाख 19 हजार 800 रुपये नकद बरामद किए गए.
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