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हंगामा थमने के आसार, देवेंद्र फडणवीस ने कहा, महादेवी हथिनी को वापस लायेंगे, वनतारा के अधिकारी भी हैं सहमत

बॉम्बे हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर महादेवी हथिनी को गुजरात के जामनगर स्थित अंबानी परिवार के वन्यजीव संरक्षण केंद्र वनतारा के हवाले किया गया था.  इस घटना के बाद कोल्हापुर में हंगामा शुरू हो गया.
 

Mumbai : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज कहा कि उन्होंने मुंबई में वनतारा प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 36 वर्षीय महादेवी हथिनी (माधुरी) को लेकर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे  महादेवी हथिनी (माधुरी) को नंदनी मठ में सुरक्षित वापस लाने के लिए महाराष्ट्र सरकार की ओर से दायर की जा रही याचिका में शामिल होंगे.

 

 

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि चर्चा के क्रम में  वनतारा प्रबंधन के अधिकारियों ने  बताया कि उन्होंने केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया है. उनका महादेवी हथिनी को अपने संरक्षण में लेने का कोई इरादा नहीं है, सीएम ने कहा कि वनतारा ने कोल्हापुर जिले में नंदनी मठ के पास वन विभाग द्वारा चयनित स्थान पर महादेवी के लिए एक पुनर्वास केंद्र स्थापित करने में राज्य सरकार की पूरी मदद करने की इच्छा भी जताई है.

 

 


मामला यह है कि  बॉम्बे हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर महादेवी हथिनी को गुजरात के जामनगर स्थित अंबानी परिवार के वन्यजीव संरक्षण केंद्र वनतारा के हवाले किया गया था.  इस घटना के बाद कोल्हापुर में हंगामा शुरू हो गया. दरअसल कोल्हापुर में महादेवी हथिनी वर्षों से धार्मिक आस्था के केंद्र में है. सुप्रीम कोर्ट क आदेश पर उसे मठ से हटा कर वनतारा जाने पर कोल्हापुर स्थित संगठनों और श्रद्धालुओं में काफी रोष है

 


 
हथिनी महादेवी के इतिहास की बात करें तो वह तीन दशकों से तक नंदनी में श्री जिनसेन भट्टारक पट्टाचार्य महास्वामी जैन मठ में थी. कुछ दिन पूर्व उसे अदालत के फैसले के बाद वनतारा के राधे कृष्ण मंदिर हाथी कल्याण ट्रस्ट को सौंप दिया गया था.  जानकारी के अनुसार महादेवी हथिनी को 1992 में कर्नाटक से कोल्हापुर मठ लाया गया था   तब उसकी उम्र तीन साल की थी.

 

 

हथिनी ने कथित तौर पर 2017 में मुख्य पुजारी को दीवार पर पटक कर मार डाला था.  कहा जा रहा है कि उसके बिगड़ते स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने उसे वनतारा स्थानांतरित किया, जहां उसका इलाज हो सके.

 


 वनतारा के बारे में बता दें कि वन्यजीव संरक्षण और पुनर्वास केंद्र वनतारा की स्थापना प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी ने की है. रिलायंस इंडस्ट्रीज और रिलायंस फाउंडेशन द्वारा समर्थित वनतारा  गुजरात के जामनगर में 3000 एकड़ में बसा हुआ है. 

 

 

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