Deoghar: जिले के करौं प्रखंड के प्रतापपुर गांव में शनिवार दोपहर एक पैराशुट युक्त यंत्र के अचानक गिरने से इलाके में अफरा-तफरी मच गयी. बड़ी संख्या में गांव के आस-पास के लोग एकत्रित हो गए. सूचना मिलने पर करौं थाना पुलिस और प्रखंड प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे. बाद में कोलकाता से यंत्र की ट्रैकिंग करते हुए पहुंचे मौसम एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की.
मॉनसून से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने के लिए मौसम विज्ञान विभाग द्वारा छोड़ा गया एक विशेष यंत्र करौं क्षेत्र में गिर गया, जिससे कुछ समय के लिए स्थानीय लोगों के बीच कौतूहल का माहौल बन गया. हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा था और इससे किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई.
मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह यंत्र पश्चिम बंगाल के सिउड़ी जिले के चंद्रपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र से छोड़ा गया था. इसे पैराशुट की सहायता से वायुमंडल में भेजा जाता है, जहां यह लगभग 42 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचकर तापमान, आर्द्रता, वायुदाब और अन्य मौसम संबंधी आंकड़े एकत्र करता है. इस दौरान विभाग द्वारा इसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाती है.
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2007 से मॉनसून पूर्व और अक्तूबर-नवंबर के दौरान मौसम की ट्रैकिंग के लिए ऐसे उपकरण नियमित रूप से छोड़े जाते हैं. निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह यंत्र पैराशुट की मदद से सुरक्षित रूप से जमीन पर उतरता है.
घटना की सूचना मिलने पर बीडीओ ऋषि राज और थाना प्रभारी दीपक किशोर भारती पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने कोलकाता से आए मौसम विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली.
बीडीओ ऋषि राज ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा छोड़े गए इस उपकरण से किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है. बाद में मौसम विभाग की टीम उपकरण को अपने साथ वापस ले गई.
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